Ranchi News: इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) की रांची शाखा की ओर से होटल रमदा में आयोजित तीन दिवसीय पांचवें रांची पेडिकॉन 2026 का रविवार को समापन हो गया. सम्मेलन में देश और झारखंड के करीब 200 बाल रोग विशेषज्ञ शामिल हुए. विशेषज्ञों ने बच्चों के इलाज में हो रहे नए बदलावों, आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों और तकनीक पर चर्चा की.
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आईएपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. नीलम मोहन ने बच्चों के स्वास्थ्य और कुपोषण पर जानकारी दी. उन्होंने नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-6 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि झारखंड में पांच साल से कम उम्र के 22.03 प्रतिशत बच्चे कुपोषित हैं. उन्होंने डॉक्टरों से अभिभावकों को संतुलित आहार के प्रति जागरूक करने की अपील की.
विशेषज्ञों ने कहा कि बच्चों में कई ऐसी बीमारियां हैं, जिनका इलाज संभव है, लेकिन जानकारी की कमी के कारण कई परिवार समय पर इलाज नहीं करा पाते. सम्मेलन में बच्चों के गुर्दे की बीमारी के इलाज में हुए नए बदलावों पर भी चर्चा हुई.
मुख्य आयोजन सचिव डॉ. शक्ति पद दास ने कहा कि तकनीक और बच्चों की स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में झारखंड तेजी से आगे बढ़ रहा है. ऐसे सम्मेलन से डॉक्टरों को नई जानकारी मिलती है, जिसका फायदा बच्चों के इलाज में होगा.
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