- लोक अदालत का अवॉर्ड अंतिम और बाध्यकारी होता है
- पूर्व कर्मचारियों की अपील निष्पादित
Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने लघु सिंचाई विभाग के पूर्व कर्मचारियों की पेंशन एवं अन्य लाभ भुगतान से संबंधित अपील (LPA) पर फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट की पीठ ने नेशनल लोक अदालत के अवॉर्ड को लागू करने का आदेश राज्य सरकार को दिया है.
सरकार को 4 सप्ताह के भीतर लोक अदालत का अवॉर्ड लागू करने और बकाया राशि पर 6% वार्षिक ब्याज भी देने का आदेश दिया है. पीठ ने याचिकाकर्ताओं जुबली देवी एवं अन्य अपील को निष्पादित कर दिया. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की पीठ ने मामले में कहा कि लोक अदालत का अवॉर्ड अंतिम और बाध्यकारी (final & binding) होता है.
सरकार ने अवॉर्ड को न तो चुनौती दी और न ही लागू किया. केवल तकनीकी आधार पर राहत से इनकार करना अनुचित है. सरकार अपने दायित्व से बच नहीं सकती और लोक अदालत के अवॉर्ड का सम्मान करना अनिवार्य है.
दरअसल, याचिकाकर्ताओं ने पहले वर्ष 2023 में एक रिट दायर कर यह मांग की थी कि उनकी पेंशन की गणना उनकी प्रारंभिक नियुक्ति (daily wage) से की जाए, न कि नियमितीकरण की तारीख से.
यह मामला राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलझा और 13 जुलाई 2024 को अवॉर्ड पारित हुआ, जिसमें सरकार को पेंशन लाभ देने का निर्देश दिया गया. लेकिन सरकार ने अवॉर्ड को लागू नहीं किया. याचिकाकर्ताओं ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की, लेकिन उनकी याचिका समाप्त कर दी गई.
इसके बाद याचिकाकर्ता ने दूसरी रिट याचिका वर्ष 2025 में दायर की गई, जिसे भी कोर्ट ने खारिज कर दिया था. इस आदेश के खिलाफ याचिकाकर्ता की ओर से अपील दाखिल की गई थी. जिस पर कोर्ट ने फैसला सुनाया है.
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