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कोयला मंत्रालय के लोग और बड़े पत्रकारों ने किया सीसीएल दौरा

देश के बड़े पत्रकार और कोयला मंत्रालय के लोग 20 से 22 जून तक झारखंड के सीसीएल (Central Coalfields Limited) के दौरे पर आए. तीन दिन के इस दौरे में उन्होंने सीसीएल का कामकाज, बच्चों की पढ़ाई, रोजगार,
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Ranchi: देश के बड़े पत्रकार और कोयला मंत्रालय के लोग 20 से 22 जून तक झारखंड के सीसीएल (Central Coalfields Limited) के दौरे पर आए. तीन दिन के इस दौरे में उन्होंने सीसीएल का कामकाज, बच्चों की पढ़ाई, रोजगार, पर्यावरण के लिए किए जा रहे काम और नई तकनीक को नज़दीक से देखा. इस दौरे में दिल्ली से आए कई मीडिया संस्थानों के पत्रकार शामिल थे.


बच्चों को मुफ्त कोचिंग, पढ़ाई और नौकरी तक का सफर


सीसीएल की योजना "सीसीएल के लाल" और "सीसीएल की लाडली" के तहत गरीब परिवारों के बच्चों को मुफ्त कोचिंग, रहना-खाना और स्कूल की सुविधा दी जाती है.
जैसे रामगढ़ के दिव्यांशु मिश्रा और एनके इलाके के मातुल बघेल ने सीसीएल की मदद से पढ़ाई की, इंजीनियरिंग पास की और अब सीसीएल में ही अफसर बन गए हैं. एक शिक्षक का बेटा और एक मज़दूर का बेटा अब अफसर बन कर खुद सीसीएल में काम कर रहे हैं.

 

कोयला निकालना भी अब हाईटेक हो गया


बरका सायाल और ऊरीमारी इलाकों में पत्रकारों ने देखा कि अब कोयला लोड करने के लिए मशीनें लगी हैं जिससे धूल कम उड़ती है और काम भी जल्दी होता है. सीसीएल ने गांव के लोगों को मछली पालन के लिए मदद दी है. अब कई परिवार इससे हर महीने हज़ारों रुपये कमा रहे हैं.
पत्रकारों ने चूरी अंडरग्राउंड खदान का दौरा किया और देखा कि महिलाएं भी अब खदानों में काम कर रही हैं. आकांक्षा कुमारी, जो कोल इंडिया की पहली महिला माइनिंग इंजीनियर हैं, उनसे भी बातचीत की गई. सीसीएल में इस समय 4 महिला इंजीनियर खदानों में काम कर रही हैं.


सीसीएल दफ्तर में बड़े अफसरों से हुई मुलाकात


दौरे के दौरान पत्रकारों ने सीसीएल के बड़े अफसरों से मुलाकात की. सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने बताया कि इस साल दो नई खदानें खुलेंगी जिससे कोयला उत्पादन और रोजगार दोनों बढ़ेगा.
आखिरी दिन पत्रकार खेलगांव पहुंचे, जहां खिलाड़ियों से मुलाकात हुई. साथ ही महिलाओं को दिए जा रहे सिलाई ट्रेनिंग प्रोग्राम और अन्य योजनाओं को भी देखा.

‘रक्षक’ योजना: बीमार कुत्तों का इलाज


सीसीएल की एक और खास योजना "रक्षक" के बारे में भी जानकारी दी गई. इस योजना में बीमार कुत्तों का इलाज कर उन्हें फिर से सुरक्षित जगह छोड़ा जाता है. इस योजना की तारीफ मेनका गांधी ने भी की है. दौरे के आखिर में प्रतिनिधिमंडल ने CMPDI में जाकर 5G लैब, पृथ्वी विज्ञान म्यूज़ियम और नई तकनीकों को देखा.

सीसीएल का नया चेहरा – सिर्फ कोयला नहीं, समाज की सेवा भी


सीसीएल अब सिर्फ कोयला नहीं निकालती, बल्कि बच्चों की पढ़ाई, महिलाओं को सशक्त बनाने, पर्यावरण बचाने और गांव के लोगों को रोज़गार देने में भी आगे है. सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह की अगुवाई में सीसीएल हर दिशा में बेहतरीन काम कर रही है और देश की तरक्की में बड़ा योगदान दे रही है.

 

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