Jamtara News: जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर डीसी आलोक कुमार ने चिंता जताते हुए दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया है. गुरुवार को समाहरणालय सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने हिट एंड रन के लंबित मामलों को लेकर नाराजगी जताई और अंचल व अनुमंडल स्तर पर लंबित आवेदनों का एक महीने के भीतर निपटारा करने को कहा. उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों, वाहन जांच अभियान, हेलमेट व सीट बेल्ट के इस्तेमाल, ओवरस्पीडिंग, ट्रिपल राइडिंग और सड़क सुरक्षा के अन्य पहलुओं की समीक्षा की गई. डीसी ने पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में हुई वृद्धि पर चिंता जताते हुए संबंधित अधिकारियों को दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया.
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उन्होंने जिले के सभी सरकारी उच्च विद्यालयों और निजी विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक बैठकों के दौरान विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करने तथा काउंसिलिंग कराने को कहा. नाबालिग बच्चों के दोपहिया वाहन चलाने पर संबंधित वाहन के खिलाफ नियमानुसार चालान करने का निर्देश भी दिया गया.
डीसी ने मुख्य सड़कों से जुड़ने वाले विभिन्न लिंक रोड पर आवश्यकतानुसार स्पीड ब्रेकर बनाने का निर्देश दिया, ताकि वाहनों की गति नियंत्रित की जा सके. वहीं, मुख्य एवं ग्रामीण सड़कों पर अनधिकृत रूप से बनाए गए गति अवरोधकों को तत्काल हटाने को कहा. सड़क सुरक्षा के लिहाज से विभिन्न प्रमुख मार्गों पर जरूरी साइनेज लगाने का निर्देश पथ प्रमंडल को दिया गया.
गोविंदपुर-साहिबगंज पथ, मिहिजाम-जामताड़ा-दुमका मार्ग और नाला-दुमका मार्ग सहित अन्य प्रमुख सड़कों पर संचालित लाइन होटलों एवं ढाबों में अवैध उत्पादों की बिक्री के खिलाफ नियमित कार्रवाई करने को भी कहा गया.
शहरी क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए उपायुक्त ने ऑटो और ई-रिक्शा के मार्ग निर्धारित कर उनका सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया. नगर निकाय क्षेत्रों में पार्किंग स्थल चिह्नित करने को कहा गया.
बस स्टैंड में निजी वाहनों के खड़े होने और अतिक्रमण की शिकायतों की जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया. सदर अस्पताल के मुख्य गेट के पास ऑटो और टोटो के कारण हो रहे अवैध अतिक्रमण पर भी कार्रवाई करने तथा नियमित रूप से अतिक्रमण हटाने को कहा गया.
बैठक में बताया गया कि डीटीओ, एमवीआई और पुलिस की संयुक्त टीम ने मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 9 लाख 45 हजार 350 रुपये के ऑनलाइन चालान जारी किए हैं. इसके अलावा ओवरस्पीडिंग और गली-मोहल्लों से गुजरने वाले मछली लदे पिकअप सहित अन्य व्यावसायिक वाहनों के खिलाफ जांच अभियान चलाकर 2 लाख 15 हजार 600 रुपये की वसूली की गई.
उपायुक्त ने बिना निबंधन वाले वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रैक्टर और ट्रॉली का निबंधन सुनिश्चित किया जाए तथा कोई भी वाहन बिना वैध निबंधन के सड़क पर नहीं चले.
बैठक में भारत सरकार की पीएम राहत योजना की जानकारी भी दी गई. अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत सड़क दुर्घटना में पात्र घायलों को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार सरकारी और निजी अस्पतालों में उपलब्ध कराया जाएगा. निर्धारित प्रक्रिया के तहत इलाज का भुगतान सीधे अस्पताल को किया जाएगा.
उपायुक्त ने योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश देते हुए आम लोगों से अपील की कि सड़क दुर्घटना होने पर तत्काल 112 हेल्पलाइन पर सूचना दें और घायलों को शीघ्र अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करें.
बैठक में उप विकास आयुक्त असीम किस्पोट्टा, अपर समाहर्ता पूनम कच्छप, एसडीओ अनंत कुमार, सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद मिश्रा, पुलिस उपाधीक्षक नीलम कुजूर, जिला परिवहन पदाधिकारी मुकेश कुमार, जिला खनन पदाधिकारी मिहिर सलकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं सड़क सुरक्षा टीम के सदस्य उपस्थित थे.
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