Ranchi : पंचायती राज विभाग ने पेसा नियमावली 2025 की अधिसूचना जारी कर दी है. साथ ही इसे गजट प्रकाशित करने के लिए सरकारी प्रेस को भेज दिया है. हाईकोर्ट द्वारा पेसा नियमावली लागू करने तक लघु खनिजों और बालू घाटों के आवंटन पर रोक लगा दी थी.
हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में सरकार ने पिछले दिनों कैबिनेट से पेसा नियमावली पारित किया. पंचायती राज विभाग ने इससे संबंधित अधिसूचना 2-1-2026 को जारी की.
राज्य में पेसा नियमावली लागू होने से केंद्र सरकार द्वारा 15वें वित्त आयोग अनुशंसित राशि अनुसूचित क्षेत्रों को सामान्य प्रक्रिया के तहत मिलने लगेगी. राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित पेसा नियमावली 2025 में कुल 17 अध्याय हैं. नियमावली के पहले अध्याय में शब्दों को परिभाषित किया गया है.
अध्याय-2 मे पारंपरिक ग्राम सभा और उनकी सीमाओं के प्रकाशन की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है. नियमावली के तीसरे अध्याय मे पारंपरिक ग्राम सभाओं की बैठकों की कार्यवाही, कोरम पूरा करने सहित अन्य प्रावधानों का उल्लेख किया गया है.
नियमावली के चौथे अध्याय में ग्राम सभा के अध्यक्ष और सहायक सचिव के कर्तव्यों का उल्लेख किया गया है. इसमें परंपरा से प्रचलित रीति रिवाजों के अनुसर मान्यता प्राप्त मांझी, मुंडा, पाहन आदि को ग्राम सभा के अध्यक्ष में चुनने या मनोनित करने का प्रावधान किया गया है.
नियमावली के पांचवें अध्याय में ग्राम सभा के बैठकों के संचालन और फैसला करने के लिए बनाए गए नियमों का उल्लेख किया गया है. नियमावली के छठे अध्याय में ग्राम सभा के कोष के गठन और संचालन और उपयोग से संबंधित नियमों का उल्लेख किया गया है.
नियमावली के सातवें अध्याय में सामुदायिक संसाधनों के प्रबंधन के लिए बनाये गये नियमों का उल्लेख किया गया है. नियमावली के आठवें अध्याय में परंपराओं के संरक्षण और विवादों के निपटारे से संबंधित नियमावली का उल्लेख है.
इसमें ग्राम सभा को यह अधिकार दिया गया है कि अगर कोई नियम, उनकी प्रथा के अनुरूप नहीं हो तो ग्राम सभा इससे संबंधित प्रस्ताव पारित कर उपायुक्त को भेजेगी. उपायुक्त इसे राज्य सरकार को भेजेंगे.
राज्य सरकार इस पर विचार करने के लिए 30 दिनों के अंदर एक उच्च स्तरीय समिति का गठन करेगी. यह समिति 90 दिनों के अंदर विचार-विमर्श के बाद अपनी राय सरकार को देगी.
इसी अध्याय में ग्राम सभा में विवादों की सुनवाई का प्रावधान किया गया है. साथ ही पुलिस द्वारा किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने के सात दिनों के अंदर ग्राम सभा को इससे संबंधित सूचना देना का प्रावधान किया गया है.
नियमावली के नौवें अध्याय में विकास योजनाओं के अनुमोदन, लाभुकों को पहचान और सामाजिक क्षेत्र की संस्थाओं पर नियंत्रण से संबंधित नियमों का उल्लेख है. नियमावली के 10वें अध्याय में भूअर्जन के लिए ग्राम सभा की सहमति का प्रावधान है.
नियमावली के 11वें अध्याय में लघु जल निकायों के प्रबंधन से संबंधित नियमों का उल्लेख है. 12वें अध्याय में लघु खनिजों के उपयोग और प्रबंधन के अधिकार का उल्लेख है. 13वें अध्याय में मादक द्रव्यों के नियंत्रण का अधिकार का उल्लेख है.
साथ ही पारंपरिक तरीके से बनाए जाने वाले हड़िया, इली, महुआ शराब, बोडें और डियंग आदि के बनाने और उपयोग करने की सशर्त अनुमति दी गई है. नियमावली के 14वें अध्याय में लघु वन उपज पर अधिकार देने से संबंधित नियमों का उल्लेख किया गया है.
15वें अध्याय में काश्तकारी अधिनियम का उल्लंघन कर हस्तांतरित किए गए जमीन की वापसी से संबंधित प्रावधानों का उल्लेख किया गया है. 16वें अध्याय में बाजोरों के प्रबंधन और 17वें अध्याय मे अपराध पर नियंत्रण से संबंधित नियमों का उल्लेख किया गया है.
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