Ranchi Court News : झारखंड सरकार द्वारा सिविल जज जूनियर डिवीजन परीक्षा की नियुक्त प्रक्रिया रद्द करने के आदेश को निरस्त करने की मांग वाली याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. मामले में कोर्ट को बताया गया कि अभी प्रार्थी जुडिशियल ऑफिसर नहीं बने हैं. उनकी नियुक्ति प्रक्रिया जारी है.
इसी तरह के मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की एकल पीठ में हो रही है, इसलिए इस मामले को भी सुनवाई के लिए हाईकोर्ट की एकल पीठ में ही भेजा जाए. मामले में राज्य सरकार और जेपीएससी ने भी प्रार्थियों के इस आग्रह पर आपत्ति नहीं जताई.
इसके बाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने सिविल जज जूनियर डिवीजन नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने के आदेश को चुनौती देने वाली इन तीन याचिकाओं की सुनवाई हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में ट्रांसफर करने का निर्देश दिया.
गौरतलब है कि प्रार्थियों ने सिविल जज जूनियर डिवीजन (विज्ञापन संख्या 22 /2023) को चुनौती दी है. मामले में आदित्य भास्कर एवं आयुष कुमार वर्मा ने याचिका दाखिल की है. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अधिवक्ता अनुराग कश्यप और अधिवक्ता सोनल ने पक्ष रखा.
उल्लेखनीय है कि CID जांच में मिले तथ्यों के आधार पर राज्य सरकार ने 18 अगस्त की देर रात उन सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी, जिसमें TDPL शामिल रहा है. इसके अलावा वर्ष 2014 से हुई सभी नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित अनियमितता के मद्देनजर जांच कराने की घोषणा भी की गयी थी.
इन घोषणाओं के मद्देनजर कार्मिक प्रशासनिक विभाग ने परीक्ष रद्द करने, परीक्षा प्रक्रिया स्थगित करने और जांच कराने से संबंधित अधिसूचना जारी की है. इसमें 22 परीक्षाओं को रद्द करने, 6 की प्रक्रिया को स्थगित करने और 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में शामिल करने का उल्लेख किया गया है.
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