New Delhi : India US ट्रेड डील पर मुहर लगने और टैरिफ 50 से घटाकर 18 फीसदी किये जाने के बाद जहां एक ओर भाजपा में जश्न का माहौल है, वहीं विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर है.
#WATCH | Delhi: On the India-US trade agreement, Union Minister of Commerce and Industry, Piyush Goyal, says, "...Normally, we would have wanted to speak about this in Parliament, but we all witnessed that disgraceful scene. The way the opposition, especially the Congress party… pic.twitter.com/Ddnq237HRb
— ANI (@ANI) February 3, 2026
राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि अमेरिका के साथ जो ट्रेड डील चार माह से रुकी हुई थी, उसमें कुछ भी बदला नहीं गया है. राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी ने कल शाम वह डील साइन कर दी. मोदी जी पर अमेरिका का प्रेशर है. भयंकर दबाव है. ट्रेड डील भारत के लोगों, खास कर किसानों के हित में नहीं है.
विपक्ष खास कर राहुल गांधी के आरोपों के बीच केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल मीडिया के समक्ष टैरिफ और ट्रेड डील पर सरकार का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ हुआ व्यापार समझौता भारत के भविष्य को 4 चांद लगा देगा. उन्होंने 140 करोड़ देशवासियों को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री मोदी को इसका श्रेय दिया.
पीयूष गोयल राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए पूछा, क्या राहुल इन सब के खिलाफ है? क्या वे भारत का उज्जवल भविष्य नहीं चाहते हैं. वाणिज्य मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी नकारात्मकता का प्रतीक हैं. राहुल गांधी के साथ खड़े DMK, TMC, समाजवादी पार्टी और अन्य दलों के नेता शायद भारत के उज्ज्वल भविष्य से ईर्ष्या करते हैं.
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि राहुल गांधी जैसे नकारात्मक सोच वाले नेता आज देश को गुमराह करने और भ्रम में डालने की कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों को नकारते हुए कहा कि यूएस ट्रेड डील में भारत के सेंसेटिव सेक्टर एग्रीकल्चर और डेयरी को संरक्षित किया गया है. पीयूष गोयल ने कहा कि कई माह से हमारी टीम अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत कर मसला सुलझाने में लगी थी,
भारत पर 50 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैक्स लगा हुआ था. देश के व्यापारियो, एक्सपोर्ट्स, मरीन और टेक्सटाइल सेक्टर में लोग परेशान थे. पीयूष गोयल प्रधानमंत्री मोदी का तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मित्रता के बल पर वह डील करा दी, जो महीनों से लंबित थी.
वाणिज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा एग्रीकल्चर और डेयरी को संभाला है. उन्होंने इस क्षेत्र में मौके और आमदनी बढ़ाने के लिए काम किया है. कभी उन्होंने इन लोगों के हितों से समझौता नहीं होने दिया. बताया कि यूएस ट्रेड डील में एग्रीकल्चर और डेयरी को संरक्षित किया गया है.
वाणिज्य मंत्री ने कहा कि टेक से लेकर मरीन सेक्टर तक में खुशी का माहौल है. उन्होंने अमेरिका से हाई क्वालिटी टेक और इन्वेस्टमेंट भारत में आने की बात कही.
उन्होंने कहा कि मछुआरे इस डील से बहुत खुश हैं. लघु और मध्यम उद्योग के लोग बहुत खुश हैं. आईटी सेक्टर, ऑटो कम्पोनेंट्स सेक्टर से जुड़े निर्यातकों को इस डील से लाभ होगा.
इस सवाल पर कि अमेरिका भारत से पहले इस डील पर क्यों बोला, वाणिज्य मंत्री का जवाब था कि 50 परसेंट रेसिप्रोकल टैरिफ अमेरिका द्वारा लगाया गया था, तो खबर भी पहले उनकी ओर से ही आयेगी.
पीयूष गोयल ने म डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने भारत को सबसे अच्छी डील दी. पीएम मोदी से अपनी दोस्ती का सम्मान रखा. इस डील से भारत की अर्थव्यवस्था और तेजी से बढ़ेगी. कहा कि देश विदेश में इस डील की तारीफ हो रही है. जश्न का माहौल है.
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने जानकारी दी कि ट्रेड डील पर भारत और अमेरिका की टीमें जॉइंट स्टेटमेंट जारी करेंगी. जब डील पर पूरी तरह से मुहर लग जायेगी. हर डिटेल के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी. सारी डिटेल साझा की जायेगी.
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि भारत और रूस के बीच की रणनीतिक साझेदारी सर्वोपरि है. दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि उन्हें भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद रोकने के संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है.
बता दें कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता है. यूक्रेन जंग के बाद भारत रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन गया. हालांकि अमेरिका द्वारा नवंबर 2025 में रूस पर लगाये गये प्रतिबंधों के दबाव में कुछ भारतीय रिफाइनरों ने आयात बंद कर दिया था.
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