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पीएम मोदी अर्बन नक्सलवाद पर हमलावर हुए, कहा, हमारे साथ अछूतों जैसा व्यवहार किया गया

पीएम ने बिना किसी की नाम लिये कहा, अगर कोई एक-दो बार भी मोदी के बारे में कुछ पॉजिटिव ट्वीट कर दे,  टीवी पर कुछ पॉजिटिव बोल दे  या अखबारों में कुछ पॉजिटिव लिख दे  तो कुछ पत्रकार(अर्बन नक्सली) उन्हें खूब बेइज्जत करते हैं, उन्हें परेशान करते हैं.
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New Delhi :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अर्बन नक्सलवाद देश के लिए बहुत बड़ी चुनौती है. इसका दायरा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर का हो गया है.

 

 

पीएम ने बिना किसी की नाम लिये कहा, अगर कोई एक-दो बार भी मोदी के बारे में कुछ पॉजिटिव ट्वीट कर दे,  टीवी पर कुछ पॉजिटिव बोल दे  या अखबारों में कुछ पॉजिटिव लिख दे  तो कुछ पत्रकार(अर्बन नक्सली) उन्हें खूब बेइज्जत करते हैं, उन्हें परेशान करते हैं.

 

उन्हें अछूत तक बना दिया जाता है. उन्हें चुप करा दिया जाता है ताकि वे फिर कभी बोलने या लिखने की हिम्मत न जुटा पाये. यही अरबन नक्सलवाद का तरीका है.

 

नितिन नबीन के भाजपा के नये अध्यक्ष बनने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मोदी बोल रहे थे. पीएम मोदी ने नितिन नबीन को अपना बॉस करार देते हुए पार्टी के पिछले अध्यक्षों के कार्यकाल की प्रशंसा की.

 

इसके बाद उन्होंने अपना भाषण अर्बन नक्सलवाद और परिवारवाद पर फोकस किया. पीएम मोदी ने अर्बन नक्सलवाद पर हमलावर होते हुए कहा, सालों तक उन्होंने भाजपा को अलग-थलग रखा.

 

पूरे देश में हमारे साथ अछूतों जैसा बर्ताव किया. आरोप लगाया कि अर्बन नक्सली लगातार साजिश कर रहे है. इन्हें अपने संगठन(भाजपा) की ताकत से परास्त करना है.

 

पीएम ने कहा कि अब देश इन अर्बन नक्सलियों की हरकतों को समझ रहा है. अर्बन नक्सलवाद भारत को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे में लगा हुआ है. 

 

पीएम मोदी ने परिवारवाद के संदर्भ में कहा,  आज देश में अलग-अलग जगहों पर परिवारों का कब्जा हो गया है. कहा कि परिवारवाद लोकतंत्र के लिए खतरा है. अपनी योजना का खुलासा करते हुए कहा कि मैं एक लाख नये युवाओं को राजनीति में लाना चाहता हूं.  

 

पीएम मोदी यहीं नहीं रुके, कांग्रेस पर हमलावर होते हुए कहा, आज देश को याद भी नहीं होगा कि 1984 में कांग्रेस को 400 से अधिक सीटें मिली थीं. कांग्रेस को लगभग 50 फीसदी वोट मिले थे.  आज कांग्रेस की हालत यह हो गयी है कि वह100 सीटों के लिए तरस गयी है

 

 कांग्रेस अपने इस घनघोर पतन की कभी समीक्षा नहीं करती, क्योंकि अगर समीक्षा करती है और पतन के कारणों पर जाती है, तो उस परिवार पर सवाल उठेंगे, जिस परिवार ने कांग्रेस पर कब्जा जमा रखा है.  

 

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