New Delhi : पीएम मोदी ने आज शनिवार को भगवान बुद्ध से जुड़े अवशेषों के एग्जीबिशन का उद्घाटन दिल्ली में किया. बता दें कि लगभग सवा सौ साल पहले 1898 में उत्तर प्रदेश के पिपरहवा (कपिलवस्तु क्षेत्र) में ब्रिटिश काल में खुदाई हुई थी.
भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष हमारी सभ्यता के अभिन्न अंग हैं। मुझे खुशी है कि करीब सवा सौ साल बाद उनकी कर्मभूमि, चिंतनभूमि और महा-परिनिर्वाण भूमि पर इनकी वापसी हुई है। pic.twitter.com/Yh23IsEteY
— Narendra Modi (@narendramodi) January 3, 2026
खुदाई मे भगवान बुद्ध के अवशेष मिले थे, खुदाई कराने वाले डब्ल्यू. सी पेपे ब्रिटिश शासन में इंजीनियर थे. भगवान बुद्ध के अवशेषों को ब्रिटेन ले जाया गया था. यही अवशेष अब भारत लाये जा चुके हैं. इन अवशेषों को दिल्ली के राय पिथौरा सांस्कृतिक परिसर में भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र पिपरहवा अवशेषों की एग्जीबिशन में रखा गया है,
पीएम मोदी ने अवशेषों को भारत लाये जाने पर कहा कि इन अवशेषों को अपने बीच पाकर हम धन्य है. कहा कि 125 साल के इंतजार के बाद भारत की विरासत लौटी है. पीएम मोदी ने कहा कि भगवान बुद्ध को अवशेषों का भारत से बाहर जाना फिर वापस आना एक बड़ा सबक है,
उन्होंने याद दिलाया कि गुलामी के समय में इन्हें भारत से छीन लिया गया था. पीएम ने कहा कि जो लोग इसे भारत से लेकर गये थे, उनके ये केवल एंटीक थे. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसे नीलाम करने की कोशिश की, लेकिन भारत ने तय किया कि इनकी नीलामी नहीं होने दी जायेगी.
हम सफल रहे. पीएम ने कहा कि गोदरेज समूह के सहयोग से यह मुमकिन हो पाया कि ये अवशेष बुद्ध की भूमि पर वापस लाये गये. पीएम ने इसके लिए गोदरेज समूह का आभार व्यक्त किया.
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