New Delhi : स्वतंत्रता संग्राम से लेकर संविधान सभा तक स्वतंत्र भारत में महिलाओं का योगदान बहुत बड़ा रहा है, राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री तक महिलाओं ने शीर्ष पदों पर काम किया है और अपनी अलग विरासत बनाई है. प्रधानमंत्री मोदी आज सोमवार को दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में बोल रहे थे.
VIDEO | Delhi: PM Modi (@narendramodi) addresses Nari Shakti Vandan Sammelan.
— Press Trust of India (@PTI_News) April 13, 2026
He says, "The need for reservation for women in democratic structures has been felt for decades; discussions have been ongoing for about forty years, with every party and generation pushing it forward.… pic.twitter.com/p7VkD3avvb
पीएम ने कहा कि लोकतांत्रिक संरचनाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण की आवश्यकता दशकों से महसूस की जा रही है. लगभग चालीस वर्षों से चर्चा चल रही है, हर पार्टी और पीढ़ी इसे आगे बढ़ा रही है. यह भी कहा गया कि अधिनियम को 2029 तक पूरी तरह से लागू किया जाना चाहिए.
अपनी बात आगे बढ़ाते हुए पीएम ने कहा, 16 अप्रैल से इस विषय पर संसद में व्यापक चर्चा होगी. उन्होंने कहा कि देश की विकास यात्रा पर आगे बढ़ते हुए भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े निर्णयों मंज से एक निर्णय लेने जा रहा है. कहा कि मैं बहुत जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि 21वीं सदी के महत्वपूर्ण निर्णयों में शामिल यह निर्णय नारी शक्ति को समर्पित है.
नारी शक्ति वंदन को समर्पित है. पीएम ने कहा कि यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हो रहा है, जब देश में महिला आरक्षण लागू करने की दिशा में नयी हलचल तेज है. कहा कि केंद्र सरकार इस आयोजन के जरिये यह संदेश देना चाहती है कि भारत की विकास यात्रा में महिलाओं की भूमिका सिर्फ सहायक नहीं, बल्कि निर्णायक होनी चाहिए.
पीएम मोदी ने इस क्रम में कहा, 2014 में देश में करोड़ों महिलाएं ऐसी थी, जिन्होंने कभी बैंक का मुंह भी नहीं देखा था. इसलिए हमने जनधन योजना शुरू की. तब 32 करोड़ से ज्यादा महिलाओं के बैंक खाते खुले. कहा कि आज देश की बेटियां नये-नये बिजनेस में अपनी पहचान बना रही हैं.
पीएम ने बताया कि मुद्रा योजना में 60फीसदी से ज्यादा लोन महिलाओं ने लिये हैं. आज महिलाएं देश की स्टार्टअप क्रांति को आगे बढ़ा रही हैं. देश में आज 42प्रतिशत से ज्यादा रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला डायरेक्टर जरूर है.
पीएम मोदी ने कहा,याद करते हुए कहा, 2023 में जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया था, तो सभी दलों ने सर्वसम्मति से इसे पास कराया था. सभी ने सुर में कहा था कि इसे हर हाल में 2029 तक लागू किया जाना चाहिए.
पीएम मोदी ने कहा, ‘राज्यों की विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक दशकों की प्रतीक्षा के अंत का समय आ गया है. यह दिन 16, 17 और 18 अप्रैल है. पीएम ने कहा, 2023 में नयी संसद में हमने नारीशक्ति वंदन अधिनियम के लिए पहला कदम उठाया था. अब 16 अप्रैल,2026 से संसद के बजट सत्र की विशेष बैठक होने जा रही है.
देश की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है. इससे पहले आज नारीशक्ति वंदन का यह कार्यक्रम हो रहा है. इस कार्यक्रम मे जरिए हमें देश की कोटि-कोटि माताओं बहनों का आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है.
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स’ पर पोस्ट किया. आज सुबह 11 बजे मैं दिल्ली में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में हिस्सा लूंगा. यह कार्यक्रम जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं को एक मंच पर लाता है.
यह ‘विकसित भारत के निर्माण के प्रयासों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर होने वाली चर्चाओं को और आगे बढ़ायेगा. इसमें संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना भी शामिल है.
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