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एपस्टीन फाइल्स में पीएम मोदी का नाम, कांग्रेस ने कहा, यह शर्मनाक है, पूछा, जेफरी से क्या सलाह ली, विदेश मंत्रालय ने आरोप नकारा

 New Delhi : कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ पीएम मोदी के रिश्ते उजागर हो गये हैं. कांग्रेस ने इस संबंध में एक्स पर पोस्ट कर कहा कि एपस्टीन फाइल्स में नरेंद्र मोदी का नाम आ गया है.

 

 

कांग्रेस ने जेफरी एपस्टीन को सीरियल रेपिस्ट, बाल यौन अपराधी और मानव तस्कर करार देते हुए लिखा कि उसने(एपस्टीन) 9 जुलाई 2017 को एक मेल में लिखा,  The Indian Prime Minister Modi took advice and danced and sang in Israel for the benefit of the US president. They had met a few weeks ago. IT WORKED!

 

कांग्रेस के अनुसार  एपस्टीन ने साफ कहा कि मोदी ने मुझसे सलाह ली और अमेरिकी राष्ट्रपति के फायदे के लिए इजराइल में जाकर नाचे और गाये.  

 

कांग्रेस ने अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की लिंक शेयर करते हुए लिखा,  भारत के पीएम का ऐसे बदनाम व्यक्ति के अत्यधिक करीब होना, उनके फैसलों, पारदर्शिता और कूटनीतिक मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े करता है.  

 

कांग्रेस ने लिखा कि याद रहे प्रधानमंत्री मोदी 4 से 6 जुलाई 2017 के बीच इजराइल में थे इसके  तीन दिन बाद एपस्टीन ने यह मेल लिखा है. इजराइल दौरे से पहले 25-26 जून 2017 को पीएम मोदी  अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिले थे.

 

कांग्रेस ने कहा कि जेफरी एपस्टीन के मेल की कड़ियों को मिलायें तो समझ में आता है कि मोदी जून 2017 में अमेरिका गये थे. वहां एपस्टीन से सलाह ली. एक सप्ताह बाद 4-6 जुलाई 2017 को  मोदी इजराइल पहुंचे और सलाह के अनुसार वहां काम किया.

 

कांग्रेस ने अपने पोस्ट में दावा किया कि इससे साफ हो गया है कि  प्रधानमंत्री मोदी का जेफरी एपस्टीन से बहुत ही गहरा और पुराना नाता है. यह भारत के लिए शर्मनाक है.

 

कांग्रेस ने इसे राष्ट्रीय गरिमा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा का मामला बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी से जवाब तलब किया. कांग्रेस ने पूछा,  नरेंद्र मोदी जेफरी एपस्टीन से किस तरह की सलाह ले रहे थे?

 

पीएम  मोदी राष्ट्रपति ट्रंप के किस फायदे के लिए इज़राइल में नाच और गा रहे थे? एपस्टीन ने लिखा है, IT WORKED!   इसका मतलब  क्या है?  नरेंद्र मोदी जी, देश जवाब मांग रहा है. सीरियल रेपिस्ट एपस्टीन से आपका क्या रिश्ता है?

 

विदेश मंत्रालय ने आरोप खारिज किये

 

एपस्टीन फाइल्स पर विदेश मंत्रालय का बयान सामने  आया है. बयान में कहा गया है कि हमने एपस्टीन फाइल्स से जुड़े एक ई-मेल को लेकर आयी खबरें देखी हैं. उनमें पीएम के इजराइल दौरे का जिक्र है.  जुलाई 2017 में पीएम का इजराइल जाना आधिकारिक और सच बात है.  ई-मेल में इसके अलावा कही गयी बाकी बातें एक दोषी की मनगढ़ंत और बेकार बातें हैं, जिन्हें पूरी तरह खारिज किया जाना चाहिए.

   

 

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