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झारखंड पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष के समर्थन में उतरे पुलिसकर्मी, आरोपों को बताया मनगढ़ंत

Ranchi News : पत्र में कहा गया है कि राहुल कुमार मुर्मू मार्च 2025 में झारखंड पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष चुने गए थे. संगठन के अनुसार, अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने पुलिसकर्मियों के कल्याण, सुविधाओं, लंबित पदोन्नति, पुलिस बल की कमी और अन्य मुद्दों को सरकार, वरीय अधिकारियों और मीडिया के सामने उठाया.
 
झारखंड पुलिस एसोसिएशन

Ranchi News : झारखंड पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को लेकर पुलिस एसोसिएशन से जुड़े एक सदस्य ने मीडिया संस्थानों को पत्र भेजकर अपना पक्ष रखा है. पत्र में राहुल मुर्मू के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को मनगढ़ंत, बेबुनियाद और निराधार बताया गया है. साथ ही आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग व्यक्तिगत हितों के लिए राहुल मुर्मू और झारखंड पुलिस एसोसिएशन को बदनाम करने और संगठन को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं.

 

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पत्र में कहा गया है कि राहुल कुमार मुर्मू मार्च 2025 में झारखंड पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष चुने गए थे. संगठन के अनुसार, अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने पुलिसकर्मियों के कल्याण, सुविधाओं, लंबित पदोन्नति, पुलिस बल की कमी और अन्य मुद्दों को सरकार, वरीय अधिकारियों और मीडिया के सामने उठाया.

 

एसोसिएशन के समर्थन में जारी पत्र में 64 इंस्पेक्टरों को डीएसपी में प्रोन्नति दिलाने, नवप्रोन्नत डीएसपी की पदस्थापना का मामला उठाने, पुलिसकर्मियों के विभिन्न भत्तों के पुनरीक्षण को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करने और पुलिस बल की कमी दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर बहाली की मांग जैसे मामलों का उल्लेख किया गया है.

 

पत्र में कहा गया है कि रांची के यूएस गेस्ट हाउस के नवीकरण के लिए करीब 1.24 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे कार्य का मुद्दा भी एसोसिएशन ने उठाया. इसके अलावा देवघर और बासुकीनाथ में श्रावणी मेला के दौरान पुलिस पदाधिकारियों और जवानों के ठहरने की स्थायी व्यवस्था के लिए क्रमशः 1000 और 500 बेड की सुविधा विकसित करने की मांग किए जाने का भी उल्लेख है.

 

अंगरक्षक, पुलिस बल और कानून व्यवस्था के मुद्दे भी उठाने का दावा

एसोसिएशन के पत्र में कहा गया है कि पुलिस बल की कमी का सीधा असर गश्ती, बीट पुलिसिंग और टाइगर मोबाइल की व्यवस्था पर पड़ता है. संगठन ने स्वीकृत पदों के विरुद्ध शीघ्र बहाली की मांग की है. साथ ही स्टेटस सिंबल के लिए दिए गए अंगरक्षकों की समीक्षा और जरूरत के मुताबिक उन्हें पुलिस गश्ती में लगाने की मांग भी उठाने की बात कही गई है.

 

पत्र में आरोप लगाया गया है कि कुछ प्रभावशाली लोगों को नियमों के विपरीत सुरक्षा उपलब्ध कराए जाने और अत्याधुनिक हथियारों से लैस जवानों के इस्तेमाल को लेकर भी एसोसिएशन ने सवाल उठाए हैं. जमीन कारोबारियों और अन्य लोगों से नियम विरुद्ध अंगरक्षक वापस लेने की मांग किए जाने का भी उल्लेख है.

 


जयराम महतो और अन्य मामलों में एसोसिएशन के रुख का हवाला

पत्र में डुमरी विधायक जयराम महतो से जुड़े मामले, बोकारो की विधायक श्वेता सिंह से जुड़े पुलिस विवाद, डोरंडा के तत्कालीन थाना प्रभारी से संबंधित मामला और हजारीबाग में पुलिस पदाधिकारी के साथ कथित मारपीट के मामले में एसोसिएशन की भूमिका का उल्लेख किया गया है.

 

इसके अलावा गैंगस्टर प्रिंस खान के वीडियो को लेकर नेताओं द्वारा उसे प्रचारित किए जाने के खिलाफ एसोसिएशन की आपत्ति, स्वास्थ्य बीमा योजना में पुलिसकर्मियों को इलाज की सुविधा नहीं मिलने की शिकायत और रांची डीआईजी के पद के लंबे समय तक रिक्त रहने का मुद्दा उठाने का भी दावा किया गया है.

 

राहुल मुर्मू पर आरोप लगाने वालों पर भी लगाए गंभीर आरोप

पत्र में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव से जुड़े कुछ लोगों और सीआईडी में पदस्थापित एक पुलिसकर्मी पर राहुल मुर्मू के खिलाफ लगातार भ्रामक और तथ्यहीन जानकारी मीडिया तक पहुंचाने का आरोप लगाया गया है. 

 

पत्र में दावा किया गया है कि एसोसिएशन के कोष के दुरुपयोग और सदस्यों द्वारा चंदा कटौती बंद किए जाने संबंधी आरोप निराधार हैं. संगठन का कहना है कि केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कोषाध्यक्ष द्वारा आय-व्यय का हिसाब प्रस्तुत किया जाता है और कार्यकारिणी के पदाधिकारियों की ओर से उसका अनुमोदन किया जाता है.

 

पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग विभिन्न मीडिया कर्मियों से संपर्क कर पुलिस एसोसिएशन के संबंध में भ्रामक जानकारी साझा कर रहे हैं. पत्र भेजने वाले ने संबंधित लोगों के मोबाइल फोन की जांच किए जाने की मांग करते हुए दावा किया है कि इससे कथित सूचना साझा करने और मीडिया से संपर्क के संबंधों की जांच हो सकती है.

 

आंदोलन स्थगित करने का भी पत्र में किया गया उल्लेख

पुलिस एसोसिएशन की ओर से कहा गया है कि कुछ मामलों में कार्रवाई नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की तैयारी की गई थी. लेकिन तत्कालीन घटनाक्रम और राज्य में शोक की स्थिति को देखते हुए आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया गया. पत्र में कहा गया है कि चारों पुलिस एसोसिएशनों के पदाधिकारियों की सहमति के बाद आगे की रणनीति तय की जानी थी.

 

संगठन को अस्थिर करने की कोशिश का आरोप

पत्र में पूर्व पदाधिकारियों से जुड़े कुछ लोगों पर संगठन को अस्थिर करने की कोशिश का आरोप लगाया गया है. इसमें यह भी कहा गया है कि वर्तमान नेतृत्व के चुनाव के बाद कुछ लोग संगठन से बाहर हो गए हैं और इसी वजह से राहुल मुर्मू को निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया गया है.

 

हालांकि, पत्र में लगाए गए आरोप संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. संबंधित पक्षों का जवाब मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जा सकता है.

 

पत्र के अंत में पुलिस एसोसिएशन से जुड़े सदस्य ने कहा है कि पुलिस परिवार राहुल कुमार मुर्मू के साथ खड़ा है और संगठन को कमजोर करने के किसी भी प्रयास का विरोध किया जाएगा.

 

 

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