Ranchi: झारखंड में बढ़ते साइबर अपराध को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. अपराध अनुसंधान विभाग की ओर से 13 अगस्त को प्रगति पोर्टल और साइबर क्राइम के मुद्दे पर ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी. इसको लेकर सभी वरीय पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक आंकड़े और जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.
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समीक्षा बैठक में वर्ष 2022 से जुलाई 2026 तक जिलेवार दर्ज साइबर अपराध के मामलों और निष्पादित मामलों की संख्या की समीक्षा होगी. सभी जिलों से लंबित मामलों की स्थिति और उनके निष्पादन का पूरा ब्योरा मांगा गया है.
बैठक में ई-जीरो एफआईआर, मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल, शिकायत निवारण मॉड्यूल और सहयोग पोर्टल की भी समीक्षा की जाएगी. मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल में वापस की जाने योग्य राशि और लंबित राशि की जानकारी मांगी गई है. वहीं शिकायत निवारण मॉड्यूल में प्राप्त शिकायतों, उनके निष्पादन और लंबित शिकायतों के कारण की जानकारी प्रस्तुत करनी होगी.
इसके अलावा समन्वय पोर्टल के तहत जेआईएमएस पर गिरफ्तार आरोपियों की अपलोड की गई और लंबित प्रोफाइल तथा सीआईएआर में प्राप्त, निष्पादित और लंबित अनुरोधों की समीक्षा होगी.
बैठक में साइबर अपराध के हॉटस्पॉट जिलों में प्रतिबिंब डाटा के आधार पर की गई कार्रवाई का भी जायजा लिया जाएगा. पुलिस मुख्यालय ने जिलों से प्रतिबिंब डाटा के आधार पर अपराधियों और साइबर अपराध के हॉटस्पॉट के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी है.
इसके साथ ही पुलिसकर्मियों की क्षमता बढ़ाने के लिए साइ-ट्रेन के माध्यम से प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों की संख्या और जिलों में चलाए गए साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रमों का भी ब्योरा लिया जाएगा.
अपराध अनुसंधान विभाग ने सभी क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस उपमहानिरीक्षक समेत संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बैठक में अपने-अपने जिलों की अद्यतन जानकारी के साथ उपस्थित रहें. सभी वरीय पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षकों को 11 अगस्त 2026 तक एजेंडा के सभी नौ बिंदुओं की रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.
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