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राजधानी के अशोक नगर में नहीं थम रहीं चोरियां, DGP तदाशा मिश्रा के घर को भी चोर बना चुके हैं निशाना

झारखंड की राजधानी रांची की खबरें
  • चंद कदम पर थाना
  • सुरक्षा में 30 से अधिक गार्ड

Ranchi :  राजधानी रांची का अशोक नगर सिर्फ एक कॉलोनी नहीं, बल्कि झारखंड का सबसे हाई-प्रोफाइल और सुरक्षित रिहायशी इलाका माना जाता है. यहां वरिष्ठ आईएएस-आईपीएस अधिकारी, बड़े कारोबारी, न्यायिक पदाधिकारी और प्रभावशाली लोग रहते हैं.

 

इस कॉलोनी में सुरक्षा के लिए अलग व्यवस्था है. 30 से अधिक गार्ड तैनात रहते हैं और सुरक्षा पर हर वर्ष 50 लाख रुपये खर्च किए जाते हैं. वहीं थाना चंद कदम की दूरी पर है. इसके बावजूद बुधवार देर रात चोरों ने इस वीआईपी कॉलोनी में एक घंटे के भीतर दो बड़े घरों को निशाना बनाकर पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था को खुली चुनौती दे दी.

 

चोर सबसे पहले त्रिवेणी कंस्ट्रक्शन के मालिक एवं बिल्डर अखिलेश पांडेय के घर में घुसे. खिड़की के छज्जे और ड्रेनेज पाइप के सहारे पहले तल्ले तक पहुंचे और सीधे उस कमरे में गए, जहां लॉकर और जेवरात रखे थे. परिवार का दावा है कि करीब 500 ग्राम सोना, हीरा, पन्ना, चांदी के आभूषण और नकदी समेत एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति चोरी हुई है. 

 

वारदात को जिस तरीके से अंजाम दिया गया, उससे आशंका जताई जा रही है कि चोरों को घर की पूरी बनावट और सामान की जानकारी पहले से थी. 

 

इसके बाद चोर पास के एक अन्य चर्चित बिल्डर के घर में भी घुसने की कोशिश की. हालांकि वहां तैनात सुरक्षा गार्ड ने संदिग्ध गतिविधि देखते ही हवाई फायरिंग कर दी, जिसके बाद चोर मौके से भाग निकले. सूचना मिलते ही पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पहुंचे और जांच शुरू कर दी.

 

दिलचस्प बात यह है कि अशोक नगर पहले भी चोरों के निशाने पर रहा है. मई 2025 में वर्तमान डीजीपी तदाशा मिश्रा के अशोक नगर स्थित आवास में भी चोरी हुई थी. चोर घर का ताला तोड़कर बिजली की वायरिंग, मीटर, पंखे, सैनिटरी फिटिंग्स सहित कई सामान ले गए थे. उस घटना में करीब 10 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया था.

 

बिल्डर अखिलेश पांडेय के लिए भी यह पहली घटना नहीं है. वर्ष 2014 में जब वह अशोक नगर में किराये के मकान में रहते थे, तब भी उनके घर लाखों रुपये के जेवरात और नकदी चोरी हुई थी. उस मामले का भी पुलिस आज तक पूरा खुलासा नहीं कर सकी.

 

लगातार हो रही इन घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि चोर अब राजधानी के सबसे सुरक्षित और वीआईपी इलाके में भी बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं.  बार-बार हो रही हाई-प्रोफाइल चोरियां पुलिस की गश्ती और सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रही है.

 

अब सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस इस ताजा मामले का खुलासा कितनी जल्दी करती है और लगातार हो रही ऐसी घटनाओं पर कैसे रोक लगाती है.

 

 

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