Jamtara : बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जामताड़ा में मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया. बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता ने की, जिसमें जिले की विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए. बैठक में विशेष रूप से आगामी पश्चिम बंगाल चुनाव को देखते हुए सीमावर्ती (बॉर्डरिंग) थानों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया. थाना प्रभारियों को नियमित वाहन जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के आदेश दिए गए हैं.
इसी क्रम में गुरुवार से जामताड़ा जिले में वाहन जांच महा अभियान चलाने की घोषणा की गई है. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाना है. पुलिस अधीक्षक ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि वाहन चलाते समय आवश्यक कागजात साथ रखें और हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें.

बैठक करते अधिकारी
बैठक के दौरान एसपी ने बताया कि उनके कार्यभार संभालने के समय जिले में करीब 560 मामले लंबित थे, जो अब घटकर 450 रह गए हैं. इनमें से 340 मामले सामान्य अपराध श्रेणी के हैं, जबकि शेष साइबर अपराध से जुड़े हैं.
साइबर अपराध पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल से केंद्र और राज्य सरकार कानून कड़ा कर रहे है. उसके निर्देशानुसार जामताड़ा में बड़े स्तर पर छापेमारी और विशेष अभियान चलाया जाएगा. इसके लिए दो विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो लगातार निगरानी और कार्रवाई करेंगी.
उन्होंने आगे बताया कि जैसे ही किसी साइबर अपराध की सूचना मिलती है, तकनीकी टीम को तुरंत अलर्ट किया जाता है और एक टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी.
इसके अलावा जिले के 5 से 10 साइबर अपराधियों की अवैध संपत्तियों की जांच की जा रही है. जमीन से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन जारी है, जिसके बाद उनकी संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी.
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