स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दीपक प्रकाश ने अपना पूरा जीवन पार्टी को समर्पित कर दिया. सवाल उठाया कि जब दीपक प्रकाश का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो रहा है, तो भाजपा ने उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजने पर विचार क्यों नहीं किया.
उन्होंने कहा कि यदि पार्टी के पास कोई सर्वमान्य उम्मीदवार नहीं था, तो एक अनुभवी और समर्पित नेता पर भरोसा जताया जा सकता था. उनका मानना है कि अगर दीपक प्रकाश को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया जाता तो उनकी जीत सुनिश्चित थी.
संघर्ष करने वाले नेताओं व कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं भुलाना चाहिए
इरफान अंसारी ने बिना नाम लिए भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ नेता बाहरी उद्योगपति उम्मीदवार के स्वागत में जिस तरह उत्साहित दिखाई दे रहे हैं, उसे देखकर मन व्यथित होता है.
उन्होंने कहा कि वर्षों तक पार्टी के लिए संघर्ष करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं का सम्मान भुलाया नहीं जाना चाहिए. राजनीति केवल धनबल से नहीं, बल्कि त्याग, संघर्ष और समर्पण से चलती है. भाजपा नेताओं को सलाह देते हुए कहा कि अपने नेताओं के योगदान का सम्मान करना सीखना चाहिए.
मंत्री ने कहा कि जो व्यक्ति पूरी जिंदगी पार्टी के लिए खड़ा रहा और कठिन परिस्थितियों में संगठन को संभालता रहा, उसका सम्मान सबसे पहले होना चाहिए. यह भी कहा कि उनकी बातें कुछ नेताओं को पसंद नहीं आएंगी, लेकिन वह हमेशा सच बोलते हैं और झारखंड के स्वाभिमान तथा स्थानीय नेतृत्व के सम्मान की आवाज उठाते रहेंगे.
इरफान अंसारी ने कहा कि वह कांग्रेस में हैं, फिर भी जहां किसी स्थानीय नेता के सम्मान की बात होगी, वहां राजनीतिक भेदभाव से ऊपर उठकर उसके पक्ष में खड़े रहेंगे. कहा कि झारखंड की राजनीति में त्याग, संघर्ष और समर्पण का सम्मान होना चाहिए. यही लोकतंत्र की असली ताकत है और यही झारखंड की पहचान भी है.
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