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Political News: बबलू मिश्रा कौन है? भाजपा ने सरकार से मांगा जवाब, कॉल डिटेल व CCTV जांच की मांग

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने रांची स्थित प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता कर ग्रामीण कार्य विभाग में भ्रष्टाचार और बाहरी हस्तक्षेप को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने बबलू मिश्रा नामक व्यक्ति की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की.
 

Ranchi : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने रांची स्थित प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता कर ग्रामीण कार्य विभाग में भ्रष्टाचार और बाहरी हस्तक्षेप को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने बबलू मिश्रा नामक व्यक्ति की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की.

 

अजय शाह ने कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग में भ्रष्टाचार का पुराना इतिहास रहा है. उन्होंने पूर्व चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम और पूर्व मंत्री आलमगीर आलम की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि राज्य में जितना बड़ा भ्रष्टाचारी, उतना बड़ा पदाधिकारी वाली स्थिति बन गई है. उन्होंने कहा कि सरकार ने वीरेंद्र राम को फिर से विभाग में जगह दी है और कांग्रेस ने आलमगीर आलम को प्रदेश कमेटी में शामिल कर गलत संदेश दिया है.

 

उन्होंने बताया कि 23 अप्रैल 2026 को विभाग के 10 अभियंताओं ने मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर उत्पीड़न की शिकायत की थी. इस पत्र में आरोप लगाया गया था कि बबलू मिश्रा नाम का एक व्यक्ति टेंडर प्रक्रिया और आवंटन में हस्तक्षेप करता है, अभियंताओं के साथ अभद्र व्यवहार करता है और तबादले की धमकी देता है. अभियंताओं ने मानसिक तनाव का हवाला देते हुए काम के बहिष्कार की चेतावनी भी दी थी.

 

अजय शाह ने कहा कि 4 मई को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा मामले को उठाने के कुछ ही घंटों बाद एक दूसरा पत्र सामने आया, जिसमें पहले पत्र को फर्जी बताया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पहला पत्र फर्जी था तो 12 दिनों तक विभाग के अधिकारियों ने इसका खंडन क्यों नहीं किया और एफआईआर क्यों दर्ज नहीं कराई.

 

उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले पत्र में अभियंताओं के स्पष्ट हस्ताक्षर थे, जबकि दूसरे पत्र में केवल नाम लिखे हुए हैं. इस आधार पर उन्होंने मामले की हैंडराइटिंग एक्सपर्ट या फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की.

 

प्रेस वार्ता के दौरान अजय शाह ने बबलू मिश्रा की पहचान पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि अशोक नगर निवासी यह व्यक्ति कौन है, क्या वह अधिकारी है, दलाल है या लॉबिस्ट. उन्होंने आरोप लगाया कि बबलू मिश्रा का विभाग में नियमित आना-जाना है और वह पुराने घोटाले के मॉडल को आगे बढ़ा रहा है.

 

अजय शाह ने सरकार से कई मांगें रखीं. उन्होंने कहा कि बबलू मिश्रा के फोन कॉल डिटेल्स, उसके ड्राइवर और परिवार के सदस्यों के कॉल रिकॉर्ड्स की जांच हो. साथ ही विभाग के मंत्री के साथ उसके संबंधों को सार्वजनिक किया जाए. उन्होंने ग्रामीण कार्य विभाग और चीफ इंजीनियर कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की भी मांग की, ताकि उसके आने-जाने की सच्चाई सामने आ सके.

 

उन्होंने कहा कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर अभियंताओं को डराने-धमकाने वाले लोगों को बेनकाब किया जाए. अजय शाह ने आरोप लगाया कि विभाग के लोग ही इस व्यक्ति के व्यवहार से परेशान हैं और संभवतः इसी कारण पहला पत्र लीक हुआ. प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने कहा कि झारखंड में भ्रष्टाचार के इस नए मॉडल को पनपने नहीं दिया जाएगा और भाजपा इस मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी.

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