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सीएम आवास में यूपीए विधायक दल की बैठक में राजनीतिक हालात और सुखाड़ पर होगी चर्चा

Nitesh Ojha Ranchi : राजधानी के अनगड़ा माइंस लीज मामले में पूरी सुनवाई करने के बाद निर्वाचन आयोग ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. चुनाव आयोग कभी भी इस मामले में फैसला सुना सकता है. आयोग का फैसला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के राजनीतिक भविष्य के लिए काफी अहम माना जा रहा है. आयोग क्या फैसला सुनाता है और उसके बाद कैसी राजनीतिक स्थिति बनेगी, इसे लेकर अटकलों का दौर जारी है. इस बीच संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) विधायक दल की बैठक शनिवार को दिन के 11 बजे मुख्यमंत्री आवास पर बुलायी गयी है. बैठक में झामुमो, कांग्रेस और राजद के इकलौते विधायक को उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है. चर्चा है कि राज्य के राजनीतिक हालात पर बैठक में महत्वपूर्ण चर्चा होगी. हालांकि झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य का कहना है कि राज्य में सुखाड़ की स्थिति पर चर्चा के लिए बैठक बुलायी गयी है. इसे भी पढ़ें –नियुक्ति">https://lagatar.in/discrepancies-in-the-appointment-rules-general-caste-people-studying-outside-should-also-get-the-benefit-of-employment/">नियुक्ति

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केंद्र सरकार से विशेष पैकेज की मांग करने पर भी चर्चा होगी - सुप्रियो

सुप्रियो भट्टाचार्य का कहना है कि सभी जानते हैं कि मॉनसून की स्थिति क्या है. राज्य में सुखाड़ की स्थिति बनती जा रही है. ऐसी भयावह स्थिति में केंद्र सरकार झारखंड के साथ क्या व्यवहार करेगी और राज्य सरकार की क्या रणनीति हो, बैठक में इसकी रणनीति तैयार होगी. दूसरे भाजपा शासित राज्यों में तो किसी तरह की कोई समस्या आने पर केंद्र हरसंभव मदद करता है लेकिन झारखंड में यूपीए की सरकार होने के कारण अपेक्षित सहयोग नहीं मिलता है. बैठक में राज्य में सुखाड़ की स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार से विशेष पैकेज की मांग करने पर भी चर्चा होगी. इसे भी पढ़ें – सुखाड़">https://lagatar.in/seeing-the-drought-situation-the-agriculture-department-is-on-alert-mode-so-far-only-35-percent-of-the-farmers-have-applied-for-the-crop-relief-scheme/">सुखाड़

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कांग्रेस की रणनीति

इधर बदलते राजनीतिक हालातों को देखते हुए कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने पार्टी के सभी विधायकों को राज्य से बाहर नहीं जाने का निर्देश पहले ही दे दिया है. कांग्रेस के विश्वस्त सूत्रों बताते हैं कि यदि चुनाव आयोग का फैसला मुख्यमंत्री के पक्ष में नहीं आता है, तो हम केंद्रीय नेतृत्व के फैसले का इंतजार करेंगे. पार्टी के शीर्ष नेताओं से जैसा दिशा-निर्देश मिलेगा, उसके आधार प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व आगे की रणनीति पर विचार करेगा.

22 को आयोग सुना सकता है फैसला

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खनन पट्टा लीज मामले में चुनाव आयोग में सुनवाई पूरी होते ही राज्य में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गयी है. सरकार रहेगी या जाएगी, इसे लेकर कयासबाजी जारी है. गुपचुप तरीके से उच्चस्तरीय बैठकें हो रही हैं. आयोग सीएम हेमंत सोरेन के मामले में 22 अगस्त को फैसला सुना सकता है. उनके भाई बसंत सोरेन के मामले में 29 अगस्त को फैसला संभावित है.

कांग्रेस के तीन विधायक कोलकाता में

कांग्रेस के तीन विधायकों डॉ इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन बिक्सल कोंगारी की 49 लाख रुपये के साथ पश्चिम बंगाल में गिरफ्तारी के बाद असम के मुख्यमंत्री का नाम उछला था. इसके बाद भाजपा और सत्ताधारी कांग्रेस-झामुमो के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ. वैसे तीनों विधायक फिलहाल तीन महीने तक कोलकाता में ही रहेंगे. कोलकाता हाईकोर्ट से तीनों को तीन महीने तक कोलकाता में ही रहने की शर्त पर बेल मिली है. इसे भी पढ़ें – बीएयू">https://lagatar.in/agricultural-scientists-of-bau-advise-farmers-do-not-spray-medicine-or-sprinkle-urea-in-the-fields-now/">बीएयू

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