Ranchi : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा द्वारा झारखंड सरकार पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों को बेबुनियाद और राजनीतिक प्रेरित बताया है. उन्होंने कहा कि भाजपा को राज्य सरकार पर सवाल उठाने से पहले केंद्र सरकार की नीतियों और उनके प्रभावों पर जवाब देना चाहिए.
रांची में जारी बयान में विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि भाजपा लगातार नए-नए आंकड़े पेश कर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता और प्रवक्ता मीडिया के माध्यम से ऐसे दावे करते हैं जिनका जमीनी हकीकत से कोई मेल नहीं है.
उन्होंने पेट्रोल और डीजल की कीमतों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती थीं, तब केंद्र सरकार महंगाई के लिए वैश्विक परिस्थितियों और अन्य कारणों का हवाला देती थी. लेकिन अब जब कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है, तब आम लोगों को उसी अनुपात में राहत क्यों नहीं मिल रही है.
झामुमो महासचिव ने कहा कि भाजपा की नीति ऐसी है जिसमें कीमतें बढ़ने का बोझ जनता पर डाल दिया जाता है, जबकि कीमतें घटने का लाभ लोगों तक नहीं पहुंचता. उन्होंने कहा कि यदि तेल कंपनियां घाटे में हैं, तो उनके वित्तीय प्रदर्शन और शेयर बाजार में उनकी स्थिति को लेकर भी स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि भाजपा अक्सर यह तर्क देती है कि भारत अपनी अधिकांश तेल जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है, लेकिन जब अंतरराष्ट्रीय कीमतों में कमी आती है तो पेट्रोल-डीजल के दाम कम नहीं होने के लिए अलग-अलग कारण बताए जाते हैं. यह भाजपा की दोहरी नीति को दर्शाता है.
विनोद कुमार पांडेय ने दावा किया कि हेमंत सोरेन सरकार राज्य में जनकल्याण, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा के पास जनता के मुद्दों पर कोई ठोस एजेंडा नहीं है, इसलिए वह आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रही है. उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता सब कुछ देख और समझ रही है और उचित समय पर इसका जवाब भी देगी.
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