Search

धनबाद एयरपोर्ट पर सियासत गरमाई, अरूप चटर्जी के बयान पर पलटवार, जमीन है बाधा

Dhanbad: धनबाद में प्रस्तावित एयरपोर्ट निर्माण को लेकर सियासी घमासान तेज होता जा रहा है. एक ओर जहां आम लोगों के बीच एयरपोर्ट की मांग जोर पकड़ रही है. वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और बयानबाजी ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है.


रविवार को भाजपा सांसद कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में सांसद प्रतिनिधि नितिन भट्ट ने निरसा विधायक अरूप चटर्जी के बयान पर तीखा पलटवार किया. उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं और एयरपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर गलत जानकारी फैला रहे हैं.

 

केंद्रीय मंत्री के पत्र का हवाला

नितिन भट्ट ने प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार के नागर विमानन एवं सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल द्वारा जनवरी 2025 में सांसद ढुल्लू महतो को भेजे गए पत्र का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि इस पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि झारखंड सरकार की ओर से जमीन उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण धनबाद एयरपोर्ट परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही है. 


उन्होंने यह भी कहा कि यह पत्र इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार स्तर पर भूमि उपलब्धता सबसे बड़ी बाधा है और विधायक का यह कहना कि केंद्र सरकार की ओर से कोई पहल नहीं हुई तथ्यहीन है.

 

तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा

नितिन भट्ट ने कहा कि जनवरी 2025 का पत्र स्पष्ट रूप से विधायक के बयान का खंडन करता है. उन्होंने आरोप लगाया कि सच्चाई छुपाकर सांसद के आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है.


उन्होंने यह भी कहा कि सांसद ढुल्लू महतो लगातार धनबाद में एयरपोर्ट निर्माण के लिए प्रयासरत हैं और केंद्र स्तर पर पहल की जा चुकी है. लेकिन राज्य सरकार की ओर से सहयोग नहीं मिलने के कारण योजना अटकी हुई है.

धरना और बयानबाजी से बढ़ी तल्खी

गौरतलब है कि 24 अप्रैल को सांसद ढुल्लू महतो के नेतृत्व में धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया था. इस दौरान सांसद ने राज्य सरकार पर एयरपोर्ट निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाते हुए आंदोलन तेज करने और चक्का जाम की चेतावनी दी थी. 


इसी के जवाब में 24 तारीख की शाम को ही निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने प्रेस वार्ता कर सांसद के आरोपों को खारिज किया था. उन्होंने दावा किया था कि वर्ष 2018 के बाद एयरपोर्ट परियोजना को लेकर केंद्र सरकार की ओर से कोई ठोस पत्राचार नहीं हुआ है.

 

एयरपोर्ट बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा

धनबाद में एयरपोर्ट निर्माण अब एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है. जहां एक ओर जनता बेहतर कनेक्टिविटी और विकास की उम्मीद लगाए बैठी है. वहीं दूसरी ओर राजनीतिक दलों के बीच श्रेय लेने और जिम्मेदारी तय करने की होड़ तेज हो गई है.


अब देखना होगा कि यह बहुप्रतीक्षित परियोजना सियासी बयानबाजी से आगे बढ़कर कब धरातल पर उतरती है और धनबाद को एयर कनेक्टिविटी का लाभ मिल पाता है.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

 

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

बेहतर न्यूज़ अनुभव
ब्राउज़र में ही
//