Ranchi : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश सचिव सह प्रवक्ता ऋषीकेश सिंह ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में रियायती सिलेंडरों की संख्या घटाए जाने का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार पर गरीब और ग्रामीण परिवारों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है.
उन्होंने कहा कि एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच उज्ज्वला लाभार्थियों को मिलने वाले सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या कम कर दी गई है, जिससे गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा.
ऋषीकेश सिंह ने कहा कि वर्ष 2016 में उज्ज्वला योजना की शुरुआत के समय महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाने और रियायती गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने का वादा किया गया था. लेकिन समय के साथ सब्सिडी का दायरा लगातार कम किया गया है. उन्होंने कहा कि इससे योजना का मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहा है और गरीब परिवारों को राहत मिलने के बजाय अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है.
उन्होंने दावा किया कि सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या कम होने से लाभार्थियों को बाजार मूल्य पर अधिक सिलेंडर खरीदने पड़ेंगे, जिससे हर वर्ष हजारों रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. कांग्रेस नेता ने कहा कि देशभर में करोड़ों उज्ज्वला उपभोक्ता हैं और इस फैसले का असर बड़ी आबादी पर पड़ेगा.
ऋषीकेश सिंह ने कहा कि एलपीजी की बढ़ती कीमतों के कारण कई ग्रामीण परिवार नियमित रूप से गैस सिलेंडर रिफिल नहीं करा पा रहे हैं. ऐसे में महिलाएं फिर से पारंपरिक चूल्हों और लकड़ी का इस्तेमाल करने को मजबूर हो रही हैं. उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण और गरीब कल्याण के दावों के विपरीत बताया.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार सब्सिडी का दायरा सीमित कर रही है, जिससे महंगाई का बोझ गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर बढ़ता जा रहा है. कांग्रेस का आरोप है कि सरकार की नीतियों का सबसे अधिक असर कमजोर वर्गों पर पड़ रहा है.
प्रदेश प्रवक्ता ने केंद्र सरकार से उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या बढ़ाने, एलपीजी की कीमतों में कमी लाने और महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है.
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