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प्रदीप यादव ने उद्योग व श्रम विभाग के बजट का किया समर्थन, केंद्र की नीतियों पर उठाए सवाल

Ranchi :  झारखंड विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान विधायक प्रदीप यादव ने श्रम नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास व उद्योग विभाग की अनुदान मांगों का समर्थन करते हुए कटौती प्रस्ताव का विरोध किया. उन्होंने अपने संबोधन में राज्य की औद्योगिक संभावनाओं, बेरोजगारी के आंकड़ों और केंद्र सरकार की नीतियों पर विस्तार से अपनी बात रखी.

 

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प्रदीप यादव ने कहा कि झारखंड में उद्योगों के लिए अनुकूल परिस्थितियां मौजूद हैं, क्योंकि राज्य खनिज संपदा के मामले में यह देश में दूसरे स्थान पर है. उन्होंने बताया कि कोयले के उत्पादन में झारखंड देश में अग्रणी है और लोहा-इस्पात के मामले में भी राज्य दूसरे स्थान पर है. उन्होंने कहा कि इन संसाधनों का बेहतर उपयोग कर राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं.

 

 

 

बेरोजगारी पर चिंता जताते हुए कहा कि देश में बेरोजगारी दर लगभग 7 से 8 प्रतिशत के आसपास है. जबकि झारखंड की स्थिति कई राज्यों से बेहतर है.  उनके अनुसार, झारखंड 3.2 प्रतिशत बेरोजगारी दर के साथ देश में तीसरे स्थान पर है.

 

प्रदीप यादव ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा उद्योगपतियों को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया जा रहा है और निवेश प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नियमों में भी संशोधन किए जा रहे हैं.उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और राज्य की मूलभूत समस्याओं को दूर करने की है. 

 

विधायक ने श्रम विभाग को योजनाओं का अधिक प्रचार-प्रसार करने की सलाह दी, ताकि असंगठित मजदूरों को इसका लाभ मिल सके. उन्होंने असंगठित मजदूरों के लिए श्राद्ध कर्म में दी जाने वाली वित्तीय सहायता जैसी योजनाओं को भी लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया.

 

प्रदीप यादव ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने उद्योगों को आधुनिक भारत के मंदिर कहा था. लेकिन वर्तमान समय में सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं की उपेक्षा की जा रही है.

 

आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां कुछ बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने की दिशा में काम कर रही हैं. उन्होंने HEC का जिक्र करते हुए कहा कि कभी देश का गौरव मानी जाने वाली यह कंपनी आज गंभीर संकट से गुजर रही है. कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है, जो काफी चिंताजनक है.

 

प्रदीप यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री विदेश जाकर झारखंड के युवाओं के लिए निवेश और रोजगार के अवसर तलाशते हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री के विदेश दौरों को लेकर भी सवाल उठाए.  खूंटी डिपो के ड्राई होने का जिक्र करते हुए उन्होंने तेल नीति और विदेशी निर्भरता के मुद्दे पर भी चिंता जताई. 

 

प्रदीप यादव ने विभाग से विकास की गति को और तेज करने का आह्वान किया और कहा कि सरकार को अपनी योजनाओं और नीतियों को जमीन पर उतारने के लिए और अधिक प्रयास करने चाहिए. 

 

 

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