Baharagora: प्रखंड के गुरुरसाई गांव में शीतला अष्टमी के पावन अवसर पर भक्ति और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला. 3 दिवसीय मां शीतला मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के पहले दिन भव्य कलश यात्रा निकाली गई. जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा. वहीं पारंपरिक वेशभूषा में सजी 108 महिलाएं पारुलिया स्थित तालाब से पवित्र जल भरकर कलश यात्रा में शामिल हुई.
गाजे-बाजे और भक्तिमय वातावरण के बीच निकली यात्रा गांव का भ्रमण करते हुए मंदिर परिसर पहुंची. जहां पुरोहितों के सानिध्य में माता की प्रतिमा का भव्य श्रृंगार कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई. वहीं, श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की. आस्था की पराकाष्ठा यह रही कि उत्सव के सम्मान में आज गांव के किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला.
स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, आने वाले तीन दिनों तक पूरा गांव मांस, मछली, प्याज और लहसुन का त्याग कर पूर्णतः सात्विक रहा. इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में प्रभात महापात्र, नारायण आईच, सचिदानन्द नायक, सोमनाथ आईच सहित समस्त ग्रामवासियों का सक्रिय योगदान रहा. रात्रि में आयोजित भक्ति जागरण ने माहौल को और भी आध्यात्मिक बना दिया.
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