Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची में पिछले 26 दिनों से विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मंगलवार को प्रतिमा कुमारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 21 अगस्त की घटना को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि आंदोलन के दौरान छात्रों के साथ मारपीट और बदसलूकी की गई तथा शिकायत के बावजूद तत्काल कार्रवाई नहीं हुई.
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प्रतिमा कुमारी ने बताया कि 21 अगस्त को छात्र पुतला दहन के लिए निकले थे. उनका आरोप है कि प्रशासन ने छात्रों को कचहरी चौक से लालपुर जाने के बजाय चडरी तालाब की ओर भेज दिया. प्रतिमा ने दावा किया कि चडरी तालाब के पास पहले से मौजूद कथित जेएमएम कार्यकर्ताओं ने छात्रों के साथ मारपीट और बदसलूकी की.
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ भी मारपीट की गई, दो थप्पड़ मारे गए, गाली-गलौज की गई और दुपट्टा छीनने की कोशिश की गई. प्रतिमा के मुताबिक, इस मामले में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए. प्रतिमा ने दावा किया कि उन्होंने मौके पर मौजूद एसडीएम रजत सर से घटना की शिकायत की, लेकिन इसके बावजूद तत्काल कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.
उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन किसी राजनीतिक दल के समर्थन में नहीं है. आंदोलन के नेतृत्वकर्ताओं रविंद्र पासवान और कुणाल सर को बीजेपी से जोड़कर पेश किए जाने पर भी उन्होंने आपत्ति जताई. प्रतिमा ने कहा कि छात्र नेता अपनी मांगों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं से मुलाकात करते हैं और किसी नेता से मुलाकात को राजनीतिक दल की सदस्यता या समर्थन नहीं माना जा सकता.
प्रतिमा कुमारी ने गिरिडीह, हजारीबाग और रामगढ़ में कथित तौर पर छात्रों को धमकाए जाने के आरोपों की भी निंदा की. उन्होंने 10 अगस्त की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि विधानसभा क्षेत्र में प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज के बावजूद छात्रों ने पुलिसकर्मियों को गुलाब का फूल देकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया था.
प्रतिमा ने कहा कि छात्र पिछले 26 दिनों से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने छात्रों की मांगों और शिकायतों पर जल्द कार्रवाई नहीं की और कथित दमन जारी रहा, तो आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा.
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