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रांची के चौक-चौराहों पर होलिका दहन की तैयारियां जोरों पर

फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि पर हर साल होलिका दहन मनाया जाता है. वाराणसी पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि 2 मार्च को शाम 5 बजकर 56 मिनट से प्रारंभ होगी और 3 मार्च को शाम 5 बजकर 8 मिनट पर समाप्त होगी.
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Ranchi :     फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि पर हर साल होलिका दहन मनाया जाता है. वाराणसी पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि 2 मार्च को शाम 5 बजकर 56 मिनट से प्रारंभ होगी और 3 मार्च को शाम 5 बजकर 8 मिनट पर समाप्त होगी.

 


हालांकि इस पर होलिका दहन पर भद्रा का साया रहेगा. भद्रा दो मार्च की शाम 5:18 बजे से लगेगा, जो 2/3 मार्च की रात्रि 4:56 बजे तक रहेगा. ऐसे में होलिका दहन तीन मार्च अहले सुबह 4.57 बजे से सूर्योदय से पहले तक किया जाएगा.

 

शहर में होलिका दहन की तैयारियां जोरों पर  

शहर के किशोरगंज चौक, लालपुर, लोवाडीह, पुरूलिया रोड, पिस्कामोड़ मोड़, पहाड़ी समेत सैकड़ों स्थानों पर विशेष अनुष्ठान के साथ होलिका दहन किया जाएगा.

 

इन सभी इलाकों में होलिका दहन की तैयारियां जोरों पर हैं. जगह-जगह लकड़ियां, गोइठा और पूजन सामग्री एकत्र की जा रही है. महिलाएं सुबह से ही पूजा-अर्चना में जुटी हुई हैं. वहीं होली के गाने भी बज रहे हैं.  

 

 

सामान्य तौर पर होलिका दहन के अगले दिन होली मनाई जाती है. लेकिन इस बार 3 मार्च को चंद्र ग्रहण लग रहा है, जिसकी वजह से होली उत्सव 3 की जगह 4 मार्च को मनाया जाएगा.

 

भारत में ग्रहण 6 बजे से 6.50 मिनट तक तक मान्य

पंडित नितेश कुमार मिश्रा के अनुसार, चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर 3:20 बजे प्रारंभ होगा, 4:35 बजे मध्य (परमग्रास) पर पहुंचेगा और 6:47 बजे मोक्ष होगा. ग्रहण की कुल अवधि लगभग तीन घंटे 27 मिनट रहेगी. 

 

लेकिन भारत में चंद्र उदय 6 बजे होगा. इसलिए भारत में चंद्र ग्रहण 6 बजे से 6.50 मिनट तक तक मान्य होगा. इसलिए भारत के लिए ग्रहण की कुल अवधि डेढ़ घंटे की होगी.

भारत में सूतक काल मान्य, चार को होगी होली 

भारत में चंद्र ग्रहण दिखने के कारण यहां सूतक भी मान्य होगा. सूतक काल 9 घंटा पहले लग जाएगा. भारत में ग्रहण 6 बजे लगेगा, इसलिए सूतक काल सुबह 9 बजे लगेगा.

 

इस दौरान पूजा-पाठ और रंग खेलना वर्जित रहेगा. वहीं शुभकार्य करने की भी मनाही होती है. सूतक काल में सभी मंदिरों के पट बंद कर दिए जाएंगे और शाम 6:50 बजे के बाद पुनः खोले जाएंगे.

 

 

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