Ranchi: राजधानी में जगन्नाथपुर मेला की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. लेकिन झूला संचालकों को इस बार खासी परेशानी हो रही है. उन्हें सरकारी बैरिकेडिंग के कारण कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. झूले वालों ने बताया कि झूला लगाने, सीढ़ी बनाने और टिकट काउंटर बनाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल रही है. यही वजह है कि कई संचालक अब तक अपने वाहनों से सामान भी नहीं उतार रहे हैं.
झूला संचालकों ने बताया कि मंदिर समिति की ओर से रथ यात्रा को लेकर सड़क खाली रखने के लिए झूलों को सड़क से 15 फीट पीछे लगाने के निर्देश दिए हैं. लेकिन पीछे गड्ढे होने के कारण झूले लगाने में दिक्कत हो रही है. सभी संचालक मंदिर समिति के अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं.
मेले में इस बार बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, कोलकाता, असम, रांची, छत्तीसगढ़ और ओडिशा सहित कई राज्यों से 50 से अधिक झूले पहुंच चुके हैं.
इनमें ब्रेक डांस, सुनामी, क्रेजी बी, नाव, स्काई टावर, डांसिंग फ्लाई और मौत का कुआं प्रमुख आकर्षण होंगे. करीब 30 झूले मेले में लगाए जाने हैं.
इस वर्ष मेले का टेंडर करीब 2 करोड़ 27 लाख रुपये में हुआ है, जबकि पिछले वर्ष यह 56 लाख रुपये का था. संचालकों का कहना है कि पर्याप्त सुविधा मिलने के बाद ही झूलों की स्थापना का काम तेज किया जाएगा. फिलहाल टिकट दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और पिछले वर्ष की दरों पर ही लोगों को झूलों का आनंद मिलेगा.
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