Ranchi News: झारखंड में अब गर्भावस्था शुरू होने से पहले ही महिलाओं और किशोर-किशोरियों के स्वास्थ्य पर ध्यान देने की तैयारी है. स्वस्थ मां और बच्चे के लिए गर्भधारण से पहले की जाने वाली देखभाल को स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने पर मंथन किया गया.
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इसी को लेकर झारखंड सरकार और Child in Need Institute (CINI) के संयुक्त सहयोग से 9 सितंबर 2025 को रांची के बीएनआर चाणक्या होटल में राज्यस्तरीय परामर्श बैठक आयोजित की गई. बैठक में स्वास्थ्य विशेषज्ञों, डॉक्टरों, अधिकारियों, शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.
बैठक में Pre-Conception Care को राज्य के मौजूदा स्वास्थ्य, पोषण और किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जोड़ने के तरीकों पर चर्चा हुई. इसमें किशोर-किशोरियों और योग्य दंपतियों तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया गया.
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि स्वस्थ मां और बच्चे की तैयारी गर्भावस्था के दौरान नहीं, बल्कि उससे पहले शुरू होनी चाहिए. किशोरावस्था से ही पोषण, एनीमिया से बचाव, मानसिक स्वास्थ्य, प्रजनन स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवनशैली पर ध्यान देना जरूरी है.
NHM झारखंड के मिशन निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि केवल जागरूकता से काम नहीं चलेगा. समय पर स्वास्थ्य जांच, सही इलाज, लगातार सलाह और फॉलो-अप भी जरूरी है.
बैठक में एनीमिया की रोकथाम, पोषण में सुधार, बीमारियों का समय पर इलाज और स्वस्थ जीवनशैली को लेकर भी चर्चा हुई. साथ ही गर्भधारण से पहले सही जानकारी के आधार पर निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया.
CINI के प्रतिनिधियों ने समुदाय के स्तर पर प्री-कॉन्सेप्शन केयर को लागू करने के मॉडल और दूसरे राज्यों के अनुभव साझा किए. वहीं एम्स देवघर, एम्स न्यू दिल्ली , IAP Jharkhand, UNICEF, Jhpiego और ICMR-National Institute of Nutrition के विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े मुद्दों पर अपने सुझाव दिए.
बैठक में विशेषज्ञों ने कहा कि Pre-Conception Care को स्वास्थ्य, पोषण, परिवार नियोजन, शिक्षा और बाल संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों के साथ जोड़कर बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं.
बैठक में मिले सुझावों के आधार पर झारखंड में आगे की कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा. इसका उद्देश्य किशोरावस्था से ही बेहतर स्वास्थ्य आदतों को बढ़ावा देना और गर्भधारण से पहले महिलाओं को स्वस्थ रखने के साथ मातृ और शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है.
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