Ranchi: रिम्स को आधुनिक और मरीजों के लिए बेहतर अस्पताल बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने कई अहम फैसले लिए हैं. इसे लेकर स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई. बैठक में रिम्स के विभागाध्यक्ष, कार्यकारी निदेशक, चिकित्सा अधीक्षक, उप चिकित्सा अधीक्षक, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के संयुक्त सचिव सह निदेशक दिनेश यादव, सी-डैक, बीएसएनएल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
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बैठक में ट्रॉमा सेंटर के निरीक्षण के बाद अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, आधारभूत संरचना, अस्पताल प्रबंधन और डिजिटल व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई.
अधिकारियों ने इमरजेंसी विभाग, ट्रॉमा सेंटर और अस्पताल परिसर के अन्य हिस्सों की साफ-सफाई, नियमित रखरखाव और सौंदर्यीकरण को प्राथमिकता देने का फैसला लिया. इसका उद्देश्य मरीजों और उनके परिजनों को साफ, सुरक्षित और बेहतर माहौल उपलब्ध कराना है.
रिम्स परिसर की सुरक्षा बढ़ाने के लिए बाउंड्री वॉल बनाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई. बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए आधुनिक सुविधाओं से लैस नए और विस्तारित ओपीडी भवन के निर्माण की प्रक्रिया तेज करने का भी निर्णय लिया गया.
बैठक में न्यूरोसर्जरी विभाग के विस्तार, बेड की संख्या बढ़ाने, रैन बसेरा परिसर में नई स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करने और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई. साथ ही अस्पताल में उपलब्ध बेड और ऑपरेशन थिएटर का बेहतर उपयोग कर मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति बनी.
अस्पताल की डिजिटल व्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया. इसके तहत डिजिटल डिस्चार्ज समरी, डॉक्टरों के लिए टैबलेट आधारित कार्यप्रणाली, मरीजों के रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण और अस्पताल परिसर में सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए.
बैठक में रिम्स परिसर के पुनर्विकास की योजना की भी समीक्षा की गई. इसके तहत पुराने बीएसएनएल कार्यालय भवन, सीनियर रेजिडेंट क्वार्टर और फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग के पुराने भवन को चरणबद्ध तरीके से हटाकर नए भवन बनाने की योजना पर चर्चा हुई. इन भवनों की वर्तमान स्थिति, सुरक्षा और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध जमीन का बेहतर उपयोग करने पर भी विचार किया गया.
अधिकारियों ने बताया कि फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग की सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी. पुराने भवन की जगह उसी परिसर में आधुनिक सुविधाओं वाला नया भवन बनाया जाएगा. इससे चिकित्सा शिक्षा, शोध और मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर होंगी.
अजय कुमार सिंह ने कहा कि रिम्स को आधुनिक, तकनीक आधारित और मरीजों की जरूरतों के अनुसार विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि विकास और पुनर्विकास से जुड़ी सभी तकनीकी, प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाएं तय समय में पूरी की जाएं, ताकि सभी परियोजनाओं पर जल्द काम शुरू हो सके.
बैठक के अंत में रिम्स प्रशासन ने कहा कि मरीजों की सुविधा, अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार के लिए सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा.
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