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स्वास्थ्य विभाग में 50 करोड़ के टेंडर घोटाले की तैयारी : प्रतुल शाहदेव

झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार के दूसरे कार्यकाल पर एक बार फिर भ्रष्टाचार और टेंडर घोटाले के आरोप लगे हैं. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने शनिवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर दावा किया कि स्वास्थ्य विभाग में 50 करोड़ रुपये के मैनपॉवर सप्लाई टेंडर में बड़ा घोटाला होने जा रहा है
 

Ranchi :  झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार के दूसरे कार्यकाल पर एक बार फिर भ्रष्टाचार और टेंडर घोटाले के आरोप लगे हैं. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने शनिवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर दावा किया कि स्वास्थ्य विभाग में 50 करोड़ रुपये के मैनपॉवर सप्लाई टेंडर में बड़ा घोटाला होने जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह टेंडर इस तरह से बनाया गया है कि झारखंड की कोई भी स्थानीय कंपनी इसमें भाग नहीं ले सके, जबकि बिहार की एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी को फायदा पहुंचाने की पूरी तैयारी है.

 


झारखंडी कंपनियों को बाहर कर बिहार की ब्लैकलिस्टेड कंपनी को फायदा देने की साजिश प्रतुल शाहदेव ने कहा कि सिविल सर्जन-सह-सीएमओ, रांची के कार्यालय द्वारा नर्सिंग, पैरामेडिकल और तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति के लिए ई-टेंडर संख्या 4374 20 सितंबर, 2025 जारी किया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस टेंडर में ऐसी शर्तें जोड़ी गईं, जिनके कारण झारखंड की कोई भी स्थानीय कंपनी पात्र ही नहीं रह गई.

 

प्रतुल ने तंज कसते हुए कहा,मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री झारखंडियत और स्थानीयता की बात करते हैं, लेकिन इस टेंडर में झारखंड की कंपनियों को बाहर कर बिहार की ब्लैकलिस्टेड कंपनी को ठेका देने की तैयारी हैयोग्यता पांच गुना बढ़ाई गई, ताकि सिर्फ एक कंपनी पात्र ठहरे.भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि 2022 में जारी टेंडर की तुलना में इस बार पात्रता शर्तों को पांच गुना तक बढ़ा दिया गया है. 2022 में सिक्योरिटी मनी (EMD) 4 लाख थी, अब इसे 15 लाख कर दिया गया.

 

पहले सिंगल वर्क ऑर्डर वैल्यू 3 करोड़ था, अब 15 करोड़ कर दिया गया. पहले 300 कर्मचारियों की आवश्यकता थी, अब 1500 कर दी गई है.कंपनी का औसत वार्षिक टर्नओवर ₹5 करोड़ से बढ़ाकर ₹25 करोड़ कर दिया गया है.उन्होंने कहा कि यह सभी शर्तें केवल एक विशेष ब्लैकलिस्टेड कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए तय की गई हैं. यह वही कंपनी है जिसे झारखंड की एक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ने पहले डिबार (Debar) किया था.

 

सरकार की मिलीभगत से 50 करोड़ के खेल की तैयारी


प्रतुल शाहदेव ने कहा कि अब वही कंपनी मनमाने रेट पर टेंडर डालेगी और ऊपर से नीचे तक कमीशन बंटेगा. भाजपा इस पूरे प्रकरण को एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) और राज्यपाल के समक्ष लेकर जाएगी.


भाजपा ने मांगी जांच


प्रतुल शाहदेव ने कहा कि भाजपा इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करती है.उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी

 

 

 

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