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झारखंड में अटकी शहरी परियोजनाओं को पटरी पर लाने की तैयारी, PPP मॉडल से तकनीकी बाधा होगी दूर

  • निजी भागीदारी से तेज होगा विकास कार्य 
  •  फंड और तकनीक की कमी होगी दूर

Ranchi : झारखंड सरकार ने वर्षों से लंबित शहरी विकास परियोजनाओं को पूरा करने के लिए नई पहल शुरू की है. नगर विकास विभाग ने अब इन योजनाओं को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत आगे बढ़ाने की रणनीति बनाई है, ताकि वित्तीय और तकनीकी बाधाओं को दूर किया जा सके.

 

यह योजना खास तौर पर रांची, जमशेदपुर और धनबाद जैसे बड़े शहरों में सबसे पहले लागू की जाएगी, जहां कई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट अधूरे हैं. राज्य के विभिन्न शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कई परियोजनाएं लंबे समय से अधूरी पड़ी हैं. फंड की कमी, ठेकेदारों की समस्याएं इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं.

 

PPP मॉडल से क्या होगा फायदा

PPP मॉडल के तहत सरकार निजी कंपनियों के साथ मिलकर परियोजनाओं को पूरा करेगी. इससे निवेश के नए स्रोत खुलेंग. आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता मिलेगी. परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने में मदद मिलेगी. सरकार का फोकस अब लंबे समय से रुकी योजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करने पर है.

 

रोजगार और निवेश को बढ़ावा

निजी कंपनियों की भागीदारी से न केवल फंड की समस्या दूर होगी, बल्कि तकनीकी विशेषज्ञता भी मिलेगी, जिससे परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जा सकेगा. इससे आम लोगों को सीधे फायदा मिलेगा. राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और निवेश का माहौल भी मजबूत होगा.

 

सरकार की दीर्घकालिक रणनीति

यह पहल केवल अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि झारखंड के शहरी क्षेत्रों को दीर्घकालिक रूप से विकसित करने की रणनीति का हिस्सा है. PPP मॉडल के जरिए भविष्य की परियोजनाओं को भी गति देने की योजना है.

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