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झारखंड में नक्सली आत्मसमर्पण नीति में बदलाव की तैयारी, गृह विभाग ने पुलिस मुख्यालय से मांगी रिपोर्ट

Ranchi : झारखंड में नक्सलियों के बढ़ते आत्मसमर्पण के बीच राज्य सरकार आत्मसमर्पण नीति में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है. जानकारी के अनुसार, गृह कारा विभाग ने पुलिस मुख्यालय से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को वर्तमान में कौन-कौन-सी सुविधाएं दी जा रही हैं और भविष्य में किन नई सुविधाओं को जोड़ा जा सकता है.

 

सूत्रों की मानें तो सरकार आत्मसमर्पण नीति को और आकर्षक बनाने पर विचार कर रही है, ताकि अधिक से अधिक नक्सली मुख्यधारा में लौट सकें. प्रस्तावित संशोधन में पति-पत्नी दोनों के आत्मसमर्पण करने पर विशेष लाभ देने की बात कही जा रही है.

 

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा भी दी जाएगी. इसके अलावा केस लड़ने के लिए वकील का खर्च सरकार उठाने, जमीन उपलब्ध कराने और ओपन जेल जैसी सुविधाएं देने पर भी मंथन चल रहा है. साथ ही साथ और कई सुविधा देने की बात चल रही है.

 

बताया जा रहा है कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास को लेकर कई नई योजनाओं पर काम हो रहा है. सरकार चाहती है कि जंगल छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वाले उग्रवादियों को स्थायी जीवन और रोजगार का अवसर मिले.

 

इधर, रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में कल (21 मई को) बड़े स्तर पर नक्सलियों के आत्मसमर्पण का कार्यक्रम प्रस्तावित है. इससे पहले गृह कारा विभाग पूरी प्रक्रिया और नीति की समीक्षा में जुट गया है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में राज्य सरकार नई आत्मसमर्पण नीति की घोषणा कर सकती है.

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