- – जल्द मिलेगा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा
- – चाईबासा-हजारीबाग से भी उड़ेंगे विमान
Ranchi: रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर बुधवार को यात्री सुविधाओं की शुरुआत हुई. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ने यहांभगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा सहित विशेषता दीवार, उड़ान यात्री कैफे, अवसर पटल, बाल मनोरंजन क्षेत्र और पुस्तकालय का उद्घाटन किया. इस मौके पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, नागरिक उड्डयन विभाग के संयुक्त सचिव असंगबा चूबा आओ, रांची महापौर रोशनी खलखो, राज्यसभा सांसद महुआ माजी और विधायक नवीन जायसवाल उपस्थित रहे.
सोहराय चित्रकला को 'अवसर' पटल से मिलेगा यूरोप का बाजार
उड़ान भोजनालय में अब यात्रियों को 10 रुपए में चाय, 20 रुपए में कॉफी और 10 रुपए में स्नैक्स मिलेगा. इसकी शुरुआत एक साल पहले कोलकाता में हुई थी, जिसकी सफलता के बाद देश के अलग- अलग एयरपोर्ट पर इसकी शुरुआत की जा रही है. अवसर दुकान से स्वयं सहायता समूहों के कारीगर स्थानीय उत्पादों और सोहराय चित्रकला को बेच सकेंगे, जिसकी मांग यूरोप तक है. चलती पुस्तकालय से यात्री मुफ्त में किताबें लेकर सफर में पढ़ सकते हैं और उसे गंतव्य हवाई अड्डे पर छोड़ सकते हैं.

झारखंड अब 'वनों की भूमि' के साथ-साथ 'भविष्य की भूमि'
केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि झारखंड अब 'भविष्य की भूमि' के रूप में पहचान बना रहा है. पिछले 10 वर्षों में देश में हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी होकर 165 हो गई है. नागरिक उड्डयन विभाग को पहली बार 29,000 करोड़ रुपये का बजट मिला है. इसके तहत अगले 10 साल में देश में 100 नए हवाई अड्डे और 200 नए हेलीपैड बनाए जाएंगे.
वाराणसी व रायपुर के लिए सीधी फ्लाइट की मांग
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रांची से वाराणसी, गुवाहाटी और रायपुर के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू करने की मांग की. उन्होंने रांची हवाई अड्डे के विस्थापितों को रोजगार देने और उनकी समस्याओं के समाधान पर जोर दिया. इसके अतिरिक्त उन्होंने दिल्ली हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 से टर्मिनल-2 तक यात्रियों के लिए एक स्वचालित लिफ्ट बनाने की मांग भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखी.
पिछले पांच साल में 10 लाख बढ़े पैसेंजर
रांची हवाई अड्डे को जल्द पूर्ण अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाया जाएगा और इसे देश की सभी राजधानियों से जोड़ा जाएगा. यहां सालाना यात्रियों की संख्या पिछले पांच साल में 17 लाख से बढ़कर 27 लाख हो गई है. इसे देखते हुए विमान खड़े करने के चबूतरों (एप्रन) की संख्या बढ़ेगी और प्रकाश व्यवस्था सुधारी जाएगी. जल्द ही हजारीबाग और चाईबासा में भी हवाई अड्डा सेवा शुरू होगी.
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