Bokaro: झारखंड के बोकारो जिले के चंदनकियारी प्रखंड अंतर्गत महाल गांव में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को गहरे शोक और सन्नाटे में डुबो दिया. गांव में रहने वाले 55 वर्षीय नवगोपाल बनर्जी का शव उनके घर के बाहर पेड़ से लटका हुआ मिला. सूचना मिलने पर अमालाबाद ओपी पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया.
घटना के बाद पूरे महाल गांव में मातम पसरा हुआ है. ग्रामीणों की आंखें नम हैं और हर कोई यही कह रहा है कि ऐसा दर्द किसी भी परिवार की किस्मत में कभी न आए. स्थानीय लोगों के अनुसार नवगोपाल बनर्जी गांव के मंदिरों में पूजा-पाठ कर अपने जीवन का गुजारा करते थे. लेकिन पिछले एक वर्ष के भीतर उनके जीवन में दुखों का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ, जिसने पूरे परिवार को भीतर तक तोड़ दिया.
करीब एक वर्ष पहले उनके इकलौते पुत्र की असामयिक मृत्यु ने परिवार को गहरा आघात पहुंचाया था. उस सदमे से परिवार अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था कि पुत्रवधू ने दूसरा विवाह कर लिया, जिससे घर और अधिक टूट गया. इसके कुछ समय बाद नवगोपाल बनर्जी की पत्नी का भी निधन हो गया. एक-एक कर अपनों को खोने के बाद वे पूरी तरह अकेले पड़ गए थे और जीवन जैसे सन्नाटे में बदल गया था.
ग्रामीण बताते हैं कि पत्नी और पुत्र की मौत के बाद नवगोपाल बनर्जी पहले जैसे नहीं रहे थे. वे अक्सर चुप रहते थे, किसी से अधिक बातचीत नहीं करते थे और भीतर ही भीतर टूटते चले जा रहे थे. मंदिरों में पूजा-पाठ के सहारे वे जीवन जीने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अकेलापन और दुख उनकी जिंदगी पर भारी पड़ता गया. उनकी मौत के बाद पूरा गांव शोक में डूबा है. जिस घर में कभी जीवन की रौनक थी, वहां अब केवल सन्नाटा है. ग्रामीणों की बस यही प्रार्थना है कि ऐसा हृदयविदारक अंत किसी भी परिवार के हिस्से में कभी न आए.
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