Ayodhya : अयोध्या राम मंदिर के दान और चढ़ावे में हेराफेरी व चोरी मामले में नयी खबरआयी है. चंदा चोरी मामले में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को किसी भी प्रकार की जानकारी देने से इनकार कर दिया है.
दरअसल स्थानीय भाजपा नेता रजनीश सिंह ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन, चंदे का चढ़ावा और जमीन खरीद फरोख्त में गड़बड़ियों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा था. उन्होंने पीएमओ से मांग की थी कि मंदिर ट्रस्ट को निर्देश जारी करें कि ट्रस्ट अब तक के वित्तीय लेनदेन और संपत्ति की जानकारी सार्वजनिक करे.
खबरों के अनुसार पीएमओ ने रजनीश सिंह के पत्र पर संज्ञान लेते हुए इसे जिला प्रशासन को भेजा. इसके बाद प्रशासन ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से आय-व्यय, दान, बैंक खातों, जमीन के लेन-देन और संपत्ति के बारे में जानकारी मांगी. लेकिन ट्रस्ट ने एसआइटी जांच का हवाला देकर संपत्ति का विवरण देने से इनकार कर दिया. 13 जून को एसआईटी गठित की गयी थी
बता दें कि रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री कार्यालय को दो बार पत्र लिखा. पहली बार नौ जून को दूसरी बार 12 जून को पत्र लिखा गया था.उन्होंने मांग की थी कि मंदिर ट्रस्ट को निर्देश दिया जाए कि वह अपनी शुरू से लेकर अब तक के वित्तीय लेनदेन और संपत्ति की पूरी जानकारी सार्वजनिक करे.
सूत्रों के अनुसार 23 जून को एडीएम (कानून-व्यवस्था) इंद्रकांत द्विवेदी ने अयोध्या के एडीएम (प्रशासन) विशु राजा को लिखे अपने पत्र में कहा कि उन्होंने पीएमओ द्वारा मांगी गयी जानकारी के लिए राम मंदिर ट्रस्ट के चंपतराय से संपर्क साधा था.
इंद्रकांत द्विवेदी के अनुसार चंपत राय ने कहा कि अभी जांच चल रही है. जांच अधिकारी जरूरी रिकार्ड और जानकारी जमा कर रहे हैं. इसीलिए अभी कोई जानकारी नहीं दे सकते
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