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प्रियंका गांधी ने अल-जजीरा के पांच पत्रकारों की मौत को जघन्य अपराध बताया, इस्राइल ने बयान को ढकोसला करार दिया

प्रियंका ने लिखा था अल-जजीरा के पांच पत्रकारों की निर्मम हत्या फलस्तीनी धरती पर किया गया एक और जघन्य अपराध है. ऐसी दुनिया में जहां अधिकांश मीडिया सत्ता और व्यापार का गुलाम है, इन बहादुर आत्माओं ने हमें याद दिलाया कि सच्ची पत्रकारिता क्या होती है? ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे.
 

New Delhi/TelAviv :  गाजा में अल-जजीरा के पांच पत्रकारों की मौत को लेकर  इस्राइल पर हमलावर होने वाली प्रियंका गांधी के कृत्य को इस्राइल ने ढकोसला करार दिया है.  बता दें कि भारत में इस्राइल के राजदूत ने कहा कि आपकी(प्रियंका गांधी) ढकोसलेबाजी शर्मनाक है. आप हमास के आंकड़ों पर विश्वास न करें. इस्राइल ने हमास का खात्मा कर दिया है.

 

 

 

 

 

 

 दरअसल प्रियंका गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया था कि अल-जजीरा के पांच पत्रकारों की हत्या फलस्तीनी धरती पर किया गया जघन्य अपराध है. लिखा कि जो लोग सच के लिए खड़े होने का साहस करते हैं, उनका हौसला इस्राइली हिंसा से कभी नहीं टूटेगा.
 

 

प्रियंका गांधी का बयान इस्राइल को रास नहीं आया. इसका जवाब देते हुए इस्राइल के राजदूत रूवेन अजार ने पोस्ट किया आपकी ढकोसलेबाजी शर्मनाक है. इस्राइल ने 25,000 हमास आतंकियों को मार गिराया है. मानव जीवन की क्षति हमास द्वारा नागरिकों के पीछे छिपने की अपनायी गयी घिनौनी रणनीति का परिणाम है.

 

 

यह निकासी या सहायता प्राप्त करने की कोशिश कर रहे लोगों पर गोलीबारी और रॉकेट हमलों के कारण हुआ है. राजदूत ने लिखा कि इस्राइल ने गाजा में 20 लाख टन भोजन पहुंचाया, जबकि हमास उसे जब्त करने की कोशिश कर रहा है,  जिससे भुखमरी पैदा हो रही है. पिछले 50 वर्षों में गाजा की आबादी 450फीसदी बढ़ी है. वहां कोई नरसंहार नहीं हुआ. प्रियंका गांधी हमास के आंकड़ों पर विश्वास न करें.
 
 


इससे पूर्व प्रियंका गांधी ने एक्स पर लिखा था कि इस्राइल नरसंहार में लिप्त है.  इस्राइल ने 60 हजार से ज्यादा लोगों की हत्या की है, जिनमें 18,430 बच्चे शामिल थे. सैकड़ों लोगों को भूख से मर गये डाला है. अभी भी लाखों लोगों को भूख से मौत होने का खतरा बरकरारा है.

 

 

प्रियंका ने लिखा, इन अपराधों को चुपचाप बढ़ावा देना अपने आप में एक अपराध है. यह शर्मनाक है कि भारत सरकार इस्राइल द्वारा फलस्तीन के लोगों पर जुल्म ढाये जाने के दौरान चुप  है. 

 

 

प्रियंका ने लिखा था अल-जजीरा के पांच पत्रकारों की निर्मम हत्या फलस्तीनी धरती पर किया गया एक और जघन्य अपराध है. ऐसी दुनिया में जहां अधिकांश मीडिया सत्ता और व्यापार का गुलाम है, इन बहादुर आत्माओं ने हमें याद दिलाया कि सच्ची पत्रकारिता क्या होती है? ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे.  

 

 
मामला यह है कि गाजा पर इस्राइल के हमलों में अल-जजीरा के पांच पत्रकार मारे गये थे. इस्राइली सेना ने एक पत्रकार अनस अल शरीफ को हमास का आतंकी माना था. हालांकि पत्रकारों की सुरक्षा समिति  सहित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने . इस्राइली हमले की निंदा की है

 

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