Lagatar Desk : कोल्हान का सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम लंबे से स्टाफ की कमी से जूझ रहा है. इसको लेकर अस्पताल और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने आयुष्मान योजना से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल कर स्टाफ बढ़ाने का प्रस्ताव राज्य स्वास्थ्य मुख्यालय को भेजा है.
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इस फंड का इस्तेमाल नए पारा मेडिकल स्टाफ को वेतन देने में किया जाएगा. मुख्यालय से अनुमति मिलने के बाद प्रबंधन भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा.
स्वास्थ्य कर्मी बढ़ने से मिलेगी बेतहर सुविधा
बता दें कि फिलहाल एमजीएम अस्पताल में लगभग 400 कर्मचारी काम कर रहे हैं. जबकि मरीजों की बढ़ती संख्या के लिहाज से कम से कम 450 कर्मचारी होने चाहिए.
अस्पताल में कर्मियों की भर्ती करने से कोल्हान क्षेत्र के हजारों मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी. प्रबंधन की योजना 25 से 40 पारा मेडिकल कर्मचारियों की नियुक्ति करने की है. इसमें नर्स, फार्मासिस्ट, ड्रेसर, टेक्नीशियन और वार्ड ब्वॉय शामिल होंगे.
एजेंसी के जरिये काम कर रहे ज्यादातर कर्मी
फिलहाल अस्पताल के ज्यादातर पारा मेडिकल स्टाफ एजेंसी के जरिए काम कर रहे हैं. क्योंकि स्थायी कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं और नई स्थायी बहाली अब तक नहीं हुई है. इसकी वजह से कई वार्ड और दफ्तरों का काम प्रभावित हो रहा है.
आयुष्मान फंड से फिलहाल कुछ राहत मिलने की उम्मीद है. लेकिन लंबे समय के लिए स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति जरूरी है. यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो अस्पताल की व्यवस्था बेहतर हो सकती है.
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