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झारखंड में मनरेगा कर्मियों की हड़ताल के दूसरे दिन जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन

Ranchi: झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के आह्वान पर लंबित मांगों के समर्थन में चल रही तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के दूसरा दिन मंगलवार को संपन्न हो गया. इस दौरान राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में मनरेगा कर्मियों ने शांतिपूर्ण एवं संगठित तरीके से धरना-प्रदर्शन किया.
धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्राम रोजगार सेवक, कनीय अभियंता, लेखा सहायक, कम्प्यूटर सहायक, सहायक अभियंता और प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी सहित मनरेगा से जुड़े अन्य कर्मियों ने भाग लिया और अपनी एकजुटता का परिचय दिया.

 


धरना को संबोधित करते हुए संघ के पदाधिकारियों और कर्मियों ने कहा कि पिछले छह माह से अधिक समय से मानदेय भुगतान लंबित है. साथ ही नियमितीकरण नीति के अभाव, राज्य मनरेगा कोषांग में कार्यरत पदाधिकारियों के समरूप वेतन संरचना लागू नहीं होने और समुचित सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था के अभाव के कारण मनरेगा कर्मियों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है. इसके बावजूद कर्मी दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा योजना के क्रियान्वयन में लगातार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं.

 


वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी टकराव की भावना से नहीं बल्कि अपने न्यायसंगत अधिकारों की प्राप्ति के लिए लोकतांत्रिक तरीके से किया जा रहा है. संघ ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि मनरेगा कर्मियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक पहल की जाए और लंबित मुद्दों का समाधान किया जाए.

 


संघ के अनुसार, पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत 11 मार्च को राज्य मुख्यालय में राज्यस्तरीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें राज्यभर से मनरेगा कर्मी शामिल होंगे. वहीं यदि इसके बाद भी सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं होती है तो संगठन द्वारा 12 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी.

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