Ranchi: JPSC और JSSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर झारखंड की सियासत लगातार गरमा रही है. अब इस मुद्दे को लेकर NDA ने सरकार के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोल दिया है. भाजपा प्रदेश कार्यालय, हरमू में हुई NDA विधायक दल की बैठक के बाद नेताओं ने कहा कि छात्र आंदोलन की आवाज अब सड़क से निकलकर विधानसभा तक पहुंचेगी. उन्होंने ऐलान किया कि 6 अगस्त से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलने वाले विधानसभा सत्र में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा.
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विधायक नवीन जायसवाल ने प्रेसवार्ता में राज्य सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि JPSC परीक्षा में सिर्फ पेपर लीक नहीं, बल्कि पेपर फिक्सिंग के भी आरोप सामने आए हैं. उनका दावा है कि कम अंक पाने वाले अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जबकि अधिक अंक लाने वाले कई उम्मीदवार बाहर हो गए.
NDA नेताओं ने JSSC और CGL परीक्षाओं को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि CID जांच में अभय तिवारी नाम के व्यक्ति का मामला सामने आया है, जिसने कथित तौर पर कई परीक्षाओं में सफलता हासिल की. NDA का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुईं और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है.
NDA ने राज्य सरकार की CID जांच पर भी भरोसा नहीं जताया. नेताओं ने कहा कि पूरे मामले की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में CBI से कराई जानी चाहिए. साथ ही 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने की भी मांग की गई.
प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भी निशाना साधा गया. NDA नेताओं ने कहा कि जिस सरकार के कार्यकाल में युवाओं का भविष्य सवालों के घेरे में है, उसे इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए. उन्होंने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की भी मांग की.
कांग्रेस पर भी हमला बोलते हुए NDA ने कहा कि अगर कांग्रेस वास्तव में CBI जांच चाहती है, तो उसे अपनी सहयोगी सरकार पर दबाव बनाना चाहिए. ऐसा नहीं होने पर उसे सरकार से समर्थन वापस लेने पर विचार करना चाहिए.
NDA ने साफ किया कि विधानसभा सत्र के दौरान उसके सभी विधायक छात्रों की आवाज बनकर सरकार से जवाब मांगेंगे. पार्टी का कहना है कि JPSC-JSSC विवाद को सदन में पूरी मजबूती से उठाया जाएगा और युवाओं से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार को जवाब देना होगा.
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