Patna: बजट सत्र के दौरान सोमवार को बिहार विधानसभा में पंचायत प्रतिनिधियों के आर्म्स लाइसेंस का ममला उठाया गया. विधायक ने सदन में पूछा कि मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद, पूरे बिहार में पंचायत प्रतिनिधियों को आर्म्स लाइसेंस नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा कि कई प्रतिनिधियों ने लाइसेंस के लिए आवेदन कर रखा है, लेकिन जिलाधिकारी की ओर से अब तक मंजूरी नहीं दी गई है.
विधायक ने कहा कि मुद्दा 2-3 सालों से लटका हुआ है. क्षेत्रीय दौरे के दौरान पंचायत प्रतिनिधि जब इस मामले पर सवाल पूछते हैं, तो वे आश्चर्य में पड़ जाते हैं कि आखिर क्यों लंबित है. उन्होंने पूछा कि जिन लोगों ने लाइसेंस के लिए आवेदन किया है, उन्हें कब तक लाइसेंस की मंजूरी मिल जाएगी.
सदन में विधायक के प्रश्न का जवाब देते हुए गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रक्रिया जारी है. तेजी से निष्पादित करने के निर्देश दिए हैं. स्पष्ट किया कि इस तरह के मामलों में 60 दिनों के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित होगी. इसके लिए गृह विभाग को आदेश दिया गया है कि सभी जिलाधिकारियों को चिट्ठी के जरिए निर्देशित किया जाए और वह इस प्रक्रिया को पूरा करें.
गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को आर्म्स लाइसेंस देने की प्रक्रिया को लंबित रखना अनुचित है इससे प्रतिनिधियों में असंतोष बढ़ता है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेशों के अनुसार यह मामला प्राथमिकता पर रखा जाएगा और अब इसे ज्यादा नहीं लटकाया जाएगा.
विधायक के सदन में मामला उठाने से पंचायत प्रतिनिधियों को आर्म्स लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी आएगी. उम्मीद है कि गृहमंत्री सम्राट चौधरी के 60 दिनों के समय सीमा तय करने के बाद, प्रक्रिया में तेजी आएगी. अब पंचायत प्रतिनिधियों को लंबे समय का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. आर्म्स लाइसेंस निर्गत करने की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें



Leave a Comment