- पलामू के सरकारी विभागों में वर्षों से जमे बिलिंग कर्मियों पर उठे सवाल
- तीन साल से अधिक की पदस्थापना पर तबादले का निर्देश
- पलामू के सरकारी विभागों में वित्तीय कर्मियों की पदस्थापना की समीक्षा जरूरी
Bikram yadav
Palamu : राज्य के विभिन्न जिलों में वेतन मद की राशि की कोषागार के माध्यम से हुई अवैध निकासी और गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के बाद वित्त विभाग ने सरकारी कार्यालयों में वित्तीय कार्यों से जुड़े कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही पदस्थापना की समीक्षा करने को कहा है.
पलामू में भी निगरानी और जांच की जरूरत
इस आदेश के बाद भी पलामू जिले के विभिन्न विभागों में वित्तीय और बिलिंग कार्य से जुड़े कर्मियों की लंबे समय से एक ही कार्यालय में पदस्थापना को लेकर सवाल उठने लगे हैं. साथ ही ऐसे कर्मियों की पदस्थापना अवधि और उनके द्वारा किए जा रहे वित्तीय कार्यों की समीक्षा महत्वपूर्ण हो गई है.
विशेष रूप से उन कार्यालयों में, जहां वित्तीय कार्यों से जुड़े कर्मचारी लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं, वहां सरकार के निर्देश के अनुसार पदस्थापना अवधि के साथ-साथ बिलों के निष्पादन, भुगतान अभिलेखों, कर्मचारी विवरण और कोषागार से होने वाली निकासी की नियमानुसार समीक्षा जरूरी है.
समीक्षा से यह पता चल पाएगा कि निर्धारित अवधि पूरी कर चुके कितने कर्मियों का स्थानांतरण किया गया है और संबंधित विभागों में आदेश का कितना अनुपालन हुआ है. इससे पलामू जिले के सरकारी कार्यालयों में वित्तीय व्यवस्था की पारदर्शिता सुनिश्चित करने और वित्तीय नियंत्रण को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी.
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एक ही कार्यालय में जमे कर्मियों का तबादला करने का निर्देश
गौरतलब है कि राज्य के विभिन्न जिलों में वेतन मद की राशि की कोषागार के माध्यम से हुई अवैध निकासी और गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के बाद वित्त विभाग ने सरकारी कार्यालयों में वित्तीय कार्यों से जुड़े कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही पदस्थापना की समीक्षा करने का निर्देश दिया था.
वित्त विभाग के कोषागार एवं सांस्थिक वित्त निदेशालय की ओर से 28 अप्रैल को जारी पत्र में वरीय लेखा सहायक, लेखा सहायक, लेखा अधीक्षक, लेखापाल और विपत्र लिपिक यदि एक ही कार्यालय में तीन वर्ष से अधिक समय से पदस्थ हैं, तो उनका स्थानांतरण करने को कहा गया था.
इसी वजह से पलामू जिले के विभिन्न विभागों में कार्यरत वित्तीय और बिलिंग कर्मियों की पदस्थापना अवधि की समीक्षा की गई या नहीं, निर्धारित अवधि पूरी कर चुके कर्मियों का स्थानांतरण हुआ या नहीं और वित्तीय और बिलिंग प्रक्रिया में उनकी भूमिका की समीक्षा की गई या नहीं, इन सवालों का जवाब संबंधित विभागों की कार्रवाई और अनुपालन रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा.
संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर को वित्तीय कार्यों से अलग रखने का निर्देश
वित्त विभाग ने संविदा व एकमुश्त मानदेय के आधार पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों को भी वित्तीय कार्यों से दूर रखने का निर्देश दिया है. इसका उद्देश्य सरकारी भुगतान, वेतन संबंधी प्रक्रियाओं और अन्य संवेदनशील वित्तीय कार्यों में निर्धारित जिम्मेदारियों तथा जवाबदेही को सुनिश्चित करना है.
30 मई तक मांगी गई थी अनुपालन रिपोर्ट
वित्त विभाग ने संबंधित विभागों और उपायुक्तों से निर्देश के अनुपालन की स्थिति पर विस्तृत प्रतिवेदन मांगा था. इसके लिए 30 मई 2026 तक की समय-सीमा निर्धारित की गई थी. इसका उद्देश्य कितने कार्यालयों में तीन वर्ष से अधिक समय से पदस्थ वित्तीय कर्मियों की पहचान की गई, कितने कर्मियों का स्थानांतरण किया गया और संविदा कंप्यूटर ऑपरेटरों को वित्तीय कार्यों से अलग रखने के निर्देश का कितना पालन हुआ, जानना था.
सरकार के आदेश के पालन पर अब नजर
अब नजर इस बात पर रहेगी कि पलामू जिले के विभिन्न विभागों ने सरकार के इस निर्देश का कितना पालन किया और लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ वित्तीय एवं बिलिंग कार्य से जुड़े कर्मियों की पदस्थापना की समीक्षा के बाद क्या कार्रवाई की जाती है.

