Ranchi : रांची के कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेत्री यशस्विनी सहाय ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि देश में महिलाओं को राजनीतिक अधिकार दिलाने की असली पहल कांग्रेस ने ही की थी.
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने पंचायत स्तर पर महिलाओं को 33% आरक्षण देकर इस परिवर्तनकारी सोच की नींव रखी, जिससे देशभर में लाखों महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिला.
यशस्विनी सहाय ने आरोप लगाया कि वर्तमान केंद्र सरकार महिला आरक्षण के नाम पर केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण विधेयक सर्वसम्मति से पारित होने के बावजूद अब तक इसे लागू नहीं किया गया है, जिससे सरकार की नीयत पर सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने मांग की कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं को सशक्त बनाना चाहती है, तो इस कानून को जल्द से जल्द लागू किया जाए.
परिसीमन के मुद्दे पर अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस को परिसीमन से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और न्यायसंगत होनी चाहिए. बिना नई जनगणना कराए परिसीमन करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है, क्योंकि इससे वास्तविक जनसंख्या आंकड़ों की अनदेखी होगी और प्रतिनिधित्व में असंतुलन पैदा हो सकता है.
उन्होंने विशेष रूप से पिछड़े वर्ग की महिलाओं के अधिकारों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि केवल आरक्षण की घोषणा पर्याप्त नहीं है. यह भी सुनिश्चित होना चाहिए कि ओबीसी और अन्य वंचित वर्ग की महिलाओं को इस आरक्षण में उचित प्रतिनिधित्व मिले. इसके लिए सरकार को स्पष्ट और ठोस नीति बनानी चाहिए ताकि सामाजिक न्याय सुनिश्चित किया जा सके.
अंत में यशस्विनी सहाय ने कहा कि महिला आरक्षण केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जिसे ईमानदारी से लागू करना देश की प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है.
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