Sukesh kumar
Chaibasa News : पार्क रेन हॉस्पिटल, चक्रधरपुर में पहली बार सफल ओपन ब्रेन सर्जरी किए जाने के अस्पताल प्रबंधन के दावे के बाद अब इसी मामले को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. सोनुवा निवासी सोनाराम हेम्ब्रम को गंभीर ब्रेन हेमरेज की स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी डीकंप्रेसिव क्रैनिएक्टॉमी सर्जरी की गई.
अस्पताल की ओर से जारी जानकारी में सर्जरी को सफल बताते हुए कहा गया था कि ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति में सुधार हुआ और उन्हें वेंटिलेटर से हटा दिया गया. साथ ही अस्पताल प्रबंधन ने दावा किया था कि मरीज की जान बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता थी और बिना अग्रिम भुगतान या जमा राशि की मांग किए तत्काल इलाज शुरू किया गया.
हालांकि, परिजनों के अनुसार सर्जरी के महज पांच दिन के भीतर सोनाराम हेम्ब्रम की मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि सर्जरी के बाद अस्पताल की ओर से इलाज का पैसा मांगना शुरू कर दिया गया. इतना ही नहीं, परिजनों का यह भी आरोप है कि इसके बाद उन्हें मरीज से मिलने तक की अनुमति नहीं दी गई. इस पूरे मामले ने अस्पताल प्रबंधन के उस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें बिना अग्रिम भुगतान के इलाज शुरू करने और मरीज की जान बचाने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही गई थी.
परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मरीज की मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई, सर्जरी के बाद उसकी वास्तविक चिकित्सा स्थिति क्या थी और परिजनों को मरीज से मिलने से क्यों रोका गया. स्वास्थ्य विभाग मामले का संज्ञान लेकर अस्पताल के इलाज, सर्जरी, भुगतान की मांग और मरीज की मृत्यु से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करे. जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकेगी.
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