Ramgarh News : रामगढ़ में सर्जिकल और लैब सामग्री की खरीद को लेकर सवाल उठे हैं. झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव राज कुमार यादव ने वर्ष 2025 और 2026 की टेंडर दरों में बड़े अंतर का हवाला देते हुए मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है.
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राज कुमार यादव ने कहा कि उपलब्ध Excel विवरण में वर्ष 2025 की पुरानी टेंडर दर, वर्ष 2026 की नई टेंडर दर और Local Purchase Rate की तुलना की गई है. इसमें कई सामानों की कीमतों में काफी अंतर दिखाई दे रहा है.

जांच की मांग
उनके अनुसार, 209 ऐसी सामग्री हैं जिनकी वर्ष 2025 और 2026 दोनों की दर उपलब्ध है. इनमें करीब 92 सामानों की 2026 की दर 2025 के मुकाबले 100 प्रतिशत से ज्यादा है. करीब 22 सामानों में यह अंतर 500 प्रतिशत से अधिक है, जबकि 8 सामानों में अंतर 1000 प्रतिशत से ज्यादा बताया गया है.
तुलनात्मक विवरण के अनुसार, Tripple Layered Face Mask की दर में करीब 18,990 प्रतिशत, Reusable Vaccutainer Holder में 2,958 प्रतिशत, Plastic Apron में 1,670 प्रतिशत और Face Shield में 1,343 प्रतिशत का अंतर बताया गया है. इसके अलावा VICRYL O No. Round Body की दर में करीब 1,167 प्रतिशत और BT Set में करीब 1,128 प्रतिशत का अंतर सामने आने का दावा किया गया है.
राज कुमार यादव ने कहा कि कुछ सामानों की 2026 की टेंडर दर Local Purchase Rate से भी ज्यादा दिखाई दे रही है. उन्होंने VICRYL O No. Round Body और BT Set का उदाहरण देते हुए कहा कि इनकी टेंडर दर LP Rate से क्रमशः करीब 149 प्रतिशत और 101 प्रतिशत अधिक बताई गई है.
उन्होंने रामगढ़ उपायुक्त से मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि जांच में वर्ष 2025 और 2026 के टेंडर रेट, Local Purchase Rate, Market Survey, Rate Analysis, Cost Estimation, Technical और Financial Bid, BOQ, Comparative Statement, L1 और L2 की जानकारी, Tender Committee की कार्यवाही, Purchase Order, GST Invoice, Stock Register और Payment Records की जांच होनी चाहिए.
उन्होंने मांग की कि जांच पूरी होने तक टेंडर और खरीद से जुड़े सभी मूल दस्तावेज सुरक्षित रखे जाएं. यदि जांच में वित्तीय या प्रक्रियागत गड़बड़ी सामने आती है तो नियम के अनुसार जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए.
राज कुमार यादव ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को पहले से दोषी बताना नहीं है. उनका कहना है कि सरकारी राशि के इस्तेमाल में पारदर्शिता जरूरी है. इसलिए उपलब्ध दरों में दिख रहे अंतर की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए.
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