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राहुल बच्चा हत्याकांड : मुख्य आरोपी के एनकाउंटर पर परिजनों ने उठाये सवाल, कहा-पुलिस ने जानबूझकर पीछे से मारी गोली

लोह नगरी जमशेदपुर की खबरें

Jamshedpur :  मानगो के चर्चित राहुल बच्चा हत्याकांड के मुख्य आरोपी साहिब सिंह उर्फ सब्बे के परिजनों ने पुलिस एनकाउंटर को लेकर गंभीर सवाल उठाये हैं.  आरोपी के परिजनों ने आरोप लगाया है कि सब्बे को जानबूझकर पीछे से गोली मारी गई. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. 

 

 

बता दें कि मानगो थाना क्षेत्र के डिमना रोड स्थित मुंशी मोहल्ला मजार लाइन के पास बुधवार शाम राहुल बच्चा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. राहुल अपनी स्प्लेंडर बाइक पर बैठा था, तभी शंकोसाई निवासी साहिब सिंह उर्फ सब्बे अपने 20 से 30 साथियों के साथ वहां पहुंचा.

 

आरोप है कि सब्बे और उसके साथियों ने राहुल पर ताबड़तोड़ फायरिंग की और बाद में पत्थर व डंडों से भी हमला किया.गंभीर रूप से घायल राहुल को तत्काल टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. 

 

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि राहुल और सब्बे एक ही युवती से बातचीत करते थे. इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था. राहुल के दोस्तों का दावा है कि घटना से दो दिन पहले सब्बे ने इंस्टाग्राम पर राहुल को जान से मारने की धमकी भी दी थी. घटना के बाद सब्बे ने अपने साथियों के साथ पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था.

 

इसी मामले में गुरुवार सुबह पुलिस कार्रवाई के दौरान सब्बे के पैर में गोली लगी. पुलिस का कहना है कि कार्रवाई के दौरान यह एनकाउंटर हुआ, लेकिन इस घटना के बाद आरोपी के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

 

सब्बे की मामी ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले परिवार को भरोसा दिलाया था कि आरोपी का सुरक्षित सरेंडर कराया जाएगा. परिवार ने पुलिस की बात पर विश्वास किया, लेकिन बाद में उन्हें एनकाउंटर या गोली लगने की कोई जानकारी नहीं दी गई. उनका कहना है कि उन्हें इस घटना की जानकारी गुरुवार सुबह समाचार चैनलों के जरिए मिली.

 

परिजनों का दावा है कि गोली शरीर के पिछले हिस्से और घुटने के पास लगी है. उनका कहना है कि यदि आरोपी भाग रहा था, तो पुलिस उसे बिना गोली चलाए भी पकड़ सकती थी. परिवार वालों ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे गुरुवार सुबह एमजीएम अस्पताल पहुंचे तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें घायल सब्बे से मिलने नहीं दिया और वार्ड के अंदर जाने से रोक दिया.

 

परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. हालांकि इस मामले में परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर अभी तक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. 

 

 

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