Ranchi : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं. आरोप है कि आयोग ने बिना नियमित टेंडर प्रक्रिया अपनाए परीक्षा से जुड़े लगभग सभी महत्वपूर्ण और गोपनीय काम एक ही निजी एजेंसी TSR Data Processing Pvt. Ltd. (TDPL) को सौंप दिए हैं. मामले में पूरी प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है.
आरोप के अनुसार, JPSC के इतिहास में पहली बार किसी एक एजेंसी को परीक्षा का पूरा काम दिया गया है. एजेंसी को वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR), ऑनलाइन आवेदन, एडमिट कार्ड तैयार करने, प्रश्न पत्र की छपाई, OMR शीट और उत्तर पुस्तिका की छपाई, OMR स्कैनिंग, ऑनलाइन स्क्रीन मार्किंग (OSM) और रिजल्ट तैयार करने तक की जिम्मेदारी दी गई है.
मामले में यह भी कहा गया है कि पहले परीक्षा से जुड़े अलग-अलग काम अलग-अलग एजेंसियों को दिए जाते थे. प्री-प्रोसेसिंग, पोस्ट-प्रोसेसिंग और गोपनीय छपाई जैसे कार्य अलग होने से पारदर्शिता और गोपनीयता बनी रहती थी. लेकिन इस बार पूरी प्रक्रिया एक ही एजेंसी को दिए जाने से परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं.
आरोप लगाने वालों का कहना है कि एजेंसी से जुड़े कुछ लोगों के नाम उत्तर प्रदेश की प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों में भी सामने आ चुके हैं. इसी कारण एजेंसी के चयन और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.
मामले में मुख्यमंत्री से JPSC की परीक्षा प्रक्रिया, एजेंसी के चयन और परीक्षा कार्यों के आवंटन की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है. मांग करने वालों का कहना है कि इससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और अभ्यर्थियों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा मजबूत होगा.
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