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राहुल गांधी सदन में नहीं आये, भाजपा ने हमला बोला,  राजनाथ बोले, कांग्रेस के लोग वंदे मातरम को जिन्ना के चश्मे से देख रहे थे

पंडित नेहरू की मौजूदगी में विदेश मंत्रालय की उच्चस्तरीय बैठक में जब  उनसे सवाल किया गया कि अगर कल  कम्युनिस्ट केंद्र की सत्ता पर काबिज हो गये तो सरकारी तंत्र का क्या होगा?   नेहरू जी ने गुस्से में जवाब दिया. भारत के लिए खतरा कम्युनिज्म नहीं है. खतरा हिंदू दक्षिणपंथी कम्युनलिज्म है.
 

New Delhi :  राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में संसद(लोकसभा) में प्रधानमंत्री मोदी ने अपने विचार रखे. स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि के दी गयी. अहम बात यह रही है कि  आज विपक्ष के नेता राहुल गांधी की लोकसभा से गायब रहे. उनकी अनुपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गयी,  


भाजपा ने  राहुल गांधी  और कांग्रेस पर हमलावर होते हुए इसे वंदे मातरम् और देशभक्ति के प्रति घोर अनादर करार दिया. भाजपा ने कहा कि जब पूरा सदन राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को नमन कर रहा था, उस समय राहुल गांधी  सदन में नहीं थे. आरोप लगाया कि उनका व्यवहार कांग्रेस की पुरानी सोच को ही दर्शाता है.


रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने चर्चा में शामिल होते हुए बंकिम चंद्र के उपन्यास आनंद मठ का जिक्र किया. कहा कि यह कभी भी इस्लाम विरोधी नहीं था. उदाहरण दिया कि आनंद मठ में एक पात्र जब वंदे मातरम गाता है, तो दूसरा उससे पूछता है कि यह माता कौन है? तब जवाब मिलता है जन्मभूमि.  


रक्षा मंत्री ने एक किताब के हवाले से इतिहास की घटना को याद किया. कहा कि पंडित नेहरू की मौजूदगी में विदेश मंत्रालय की उच्चस्तरीय बैठक में जब  उनसे सवाल किया गया कि अगर कल  कम्युनिस्ट केंद्र की सत्ता पर काबिज हो गये तो सरकारी तंत्र का क्या होगा?  


नेहरू जी ने गुस्से में जवाब दिया. भारत के लिए खतरा कम्युनिज्म नहीं है. खतरा हिंदू दक्षिणपंथी कम्युनलिज्म है.  राजनाथ सिंह ने कहा कि वंदे मातरम के साथ न्याय नहीं हुआ. जन-गण-मण राष्ट्रीय भावना में बस गया, लेकिन वंदे मातरम को दबाया गया.

 

राजनाथ सिंह ने वंदे मातरम के पदों को भूलाने की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि वो लोग वंदे मातरम को जिन्ना के चश्मे से देख रहे थे. वंदे मातरम की  भुला दी गयी वो पंक्तियां भारत की आत्मा की पंक्ति है. यह पंक्तियां यह बताती  है कि हमारे भारत का अध्यात्म तोड़ने का नहीं, जोड़ने का काम करता है.  

 


कहा कि वंदे मातरम के साथ हुए अन्याय के बारे में हर भारतीय को जानना चाहिए.  वंदे मातरम के साथ इतिहास का एक बड़ा छल हुआ. इस अन्याय के बावजूद वंदे मातरम का महत्व कभी कम नहीं हो पाया.

 

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