New Delhi : राहुल गांधी ने एक बार फिर आरएसएस पर हल्ला बोला है. आरोप लगाया कि आरएसएस देश का इतिहास बदलने की कोशिश कर रहा है. इसके पीछे उसका खतरनाक विचार है. कहा कि भारत अपने इतिहास का कुचला जाना कभी बर्दाश्त नहीं करेगा.
राहुल गांधी ने आरएसएस पर संस्थाओं पर कब्जा करने और संविधान पर हमला करने का गंभीर आरोप लगाया. कहा कि विपक्ष इस वैचारिक लड़ाई को मजबूती से लड़ रहा है. हम देश के मूल स्वरूप को बिगड़ने नहीं देंगे.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को पूर्व कांग्रेस सांसद वाइको की किताब वाइको इन पार्लियामेंट के विमोचन कार्यक्रम में यह सब कहा. अहम बात यह है कि राहुल गांधी ने उसी दिन रक्षा मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में भी आरएसएस को घेरा. उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से कहा कि सैनिक स्कूलों मेंआरएसएस दखल बेवजह बढ़ रहा है.
राहुल गांधी के आरोपों पर समिति के चेयरमैन राधा मोहन सिंह ने दावे के समर्थन में दस्तावेज पेश करने को कहा है. कहा कि राहुल दस्तावेज देंगे, तो दस्तावेज स्पष्टीकरण के लिए संबंधित मंत्रालय को भेजे जायेंगे. बता दें कि राहुल गांधी कई मौकों पर देश-विदेश में आरएसएस के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं.
राहुल गांधी 25 अक्टूबर(2025) को कोलंबिया की EIA यूनिवर्सिटी में द फ्यूचर इज टुडे कॉन्फ्रेंस में कहा था किआरएसएस और भाजपा की विचारधारा के मूल में कायरता है. उसी साल 19 दिसंबर को जर्मनी के बर्लिन में ओवरसीज इंडियन कांग्रेस के कार्यक्रम में शिरकत करते हुए कहा कि आरएसएस चीफ खुले आम कह रहे हैं कि सच्चाई का कोई महत्व नहीं, शक्ति महत्वपूर्ण है.
राहुल गांधी ने कहा, यही उनमें और हममें अंतर है. इसी साल 2026 में 19 जनवरी को केरल के कोच्चि में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के समक्ष कहा था कि आरएसएस और भाजपा चाहते है कि जनता सवाल न करे और चुप रहे. क्योंकि ये लोग कुछ बिजनेसमैन के हाथों देश को बेच दें.
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