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सारंडा IED ब्लास्ट में घायल कोबरा कमांडेंट अजय मलिक से मिले राहुल गांधी

Ranchi : नई दिल्ली के आर.के. पुरम स्थित सीआरपीएफ कैंप में सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट अजय मलिक से मुलाकात की. झारखंड के सारंडा जंगल में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान आईईडी ब्लास्ट में गंभीर रूप से घायल हुए अजय मलिक का हालचाल लेते हुए राहुल गांधी ने उनके साहस और राष्ट्रसेवा के जज्बे को सलाम किया.

 

राहुल गांधी ने मुलाकात के बाद कहा कि अजय मलिक का साहस और देश के प्रति समर्पण पूरे देश के लिए प्रेरणा है. उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी अजय मलिक ने जिस तरह नेतृत्व और बहादुरी दिखाई, वह सच्चे सैनिक की पहचान है. राहुल गांधी ने उनके जल्द स्वस्थ होने और उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की.

 

सारंडा जंगल में ऑपरेशन के दौरान हुआ था IED ब्लास्ट

हरियाणा के रोहतक जिले के मोखरा गांव के रहने वाले अजय मलिक Central Reserve Police Force (CRPF) की विशेष Commando Battalion for Resolute Action (कोबरा) बटालियन में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात थे. झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा से लगे Saranda Forest में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान वे अपनी टीम के साथ मरांग पोंगा इलाके में ऑपरेशन चला रहे थे.

 

बताया जाता है कि तड़के करीब 5 बजे नक्सलियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी. सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए नक्सलियों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया. इसी दौरान अजय मलिक का पैर लैंड माइंस पर पड़ गया और जोरदार विस्फोट हो गया. धमाका इतना शक्तिशाली था कि उनका पैर घुटने के नीचे से बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया.

 

घायल होने के बाद भी नहीं छोड़ा मोर्चा

हैरत की बात यह रही कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद अजय मलिक ने हिम्मत नहीं हारी. खून से लथपथ हालत में भी वह अपने जवानों को सुरक्षित पोजीशन लेने और नक्सलियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के निर्देश देते रहे. उनके नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया. बाद में इलाज के दौरान उनका एक पैर काटना पड़ा.

 

पूरा परिवार राष्ट्रसेवा से जुड़ा

अजय मलिक का परिवार भी राष्ट्रसेवा की मिसाल माना जाता है. उनकी पत्नी पूजा मलिक भी सीआरपीएफ में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात हैं. अजय मलिक इससे पहले भी कई साहसिक अभियानों में अपनी बहादुरी का परिचय दे चुके हैं. उन्हें कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान के लिए राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया जा चुका है. वहीं जम्मू में खाई में गिरी बस से दर्जनों यात्रियों की जान बचाने के लिए उन्हें राष्ट्रपति जीवन रक्षा पदक भी मिला है.

 

पिता बोले– बेटे पर गर्व है

अजय मलिक के पिता आजाद मलिक ने कहा कि बेटे की बहादुरी पर पूरे परिवार को गर्व है. उन्होंने कहा कि मेरा बेटा एक सच्चा योद्धा है. उसने गंभीर चोट के बावजूद नक्सलियों को भागने पर मजबूर कर दिया. 

 

झारखंड के सारंडा जंगल में हुए इस हमले में घायल होने के बावजूद अजय मलिक का साहस आज देशभर के लिए प्रेरणा बन गया है. उनकी कहानी यह साबित करती है कि सच्चा कमांडर वही होता है जो संकट की घड़ी में सबसे आगे खड़ा रहता है.

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