New Delhi : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मोदी सरकार और चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा है कि जहां-जहां SIR हो रहा है, वहां-वहां वोट चोरी हो रही है. आरोप लगाया कि गुजरात में SIR के नाम पर जो किया जा रहा है, वह कोई प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि सुनियोजित, संगठित और रणनीतिक वोट चोरी है.
जहाँ-जहाँ SIR, वहाँ-वहाँ वोट चोरी।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 24, 2026
गुजरात में SIR के नाम पर जो कुछ किया जा रहा है, वह किसी भी तरह की प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है - यह सुनियोजित, संगठित और रणनीतिक वोट चोरी है।
सबसे चौंकाने वाली और ख़तरनाक बात यह है कि एक ही नाम से हज़ारों-हज़ार आपत्तियाँ दर्ज की गईं।
चुन-चुनकर… https://t.co/LC9i5DP44y
राहुल गांधी के अनुसार सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक ही नाम से हज़ारों-हज़ार आपत्तियां दर्ज की गयी और. चुन-चुनकर ख़ास वर्गों और कांग्रेस समर्थक बूथों के वोट काटे गये. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जहां भी भाजपा को हार दिखती है, वहां के मतदाता सिस्टम से ग़ायब कर दिये जाते हैं. यही पैटर्न आनंद में दिखा. यही राजुरा में किया गया. यही ब्लूप्रिंट गुजरात, राजस्थान सहित हर उस राज्य में लागू किया जा रहा है जहां SIR थोपा गया है.
राहुल गांधी ने कहा, SIR को एक व्यक्ति, एक वोट के संवैधानिक अधिकार को ख़त्म करने के हथियार में बदल दिया गया है, ताकि जनता नहीं, भाजपा तय करे कि सत्ता में कौन रहेगा. अब सच्चाई यही है कि चुनाव आयोग लोकतंत्र का रक्षक नहीं, बल्कि इस वोट चोरी की साजिश का मुख्य सहभागी बन चुका है.
कांग्रेस ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा वोट चोरी का खुलासा किये जाने के बाद भाजपा ने उसका Next Level चुनाव चोरी का मॉडल अपना लिया है. इसका नया खेल गुजरात में सामने आया है. कांग्रेस ने कहा कि नियमानुसार चुनाव आयोग ने SIR के बाद ड्राफ्ट लिस्ट जारी कर 18 जनवरी तक आपत्तियां लेने का समय घोषित किया. 15 जनवरी तक थोड़ी बहुत आपत्तियां आयी. लेकिन षडयंत्र के तहत अचानक लाखों आपत्तियां (फॉर्म 7) जमा करा दी गयी.
चुनाव आयोग द्वारा जारी 12 लाख आपत्तियों में विशेष जाति-वर्ग-क्षेत्र को निशाना बनाने के लिए नियमों को दरकिनार करते हुए एक ही व्यक्ति के नाम से बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज कराई गयी हैं. इन आपत्तियों में नाम किसी का और हस्ताक्षर किसी और के हैं. कांग्रेस ने कहा कि यह सब देख कर भी चुनाव आयोग मूकदर्शक बना हुआ है.
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जब हमने पत्र लिखकर आपत्तियों की जानकारी मांगी, तो जवाब नहीं दिया जा रहा. इससे चुनाव चोरी की मंशा पूरी सामने आ गयी है. कांग्रेस ने कहा कि चुनाव आयोग अपनी जिम्मेदारी एवं जवाबदेही दोनों सत्ता के कदमों में गिरवी रख चुका है. चुनाव आयोग भले ही अपनी जिम्मेदारी से भागे, मगर हम चुनाव आयोग को भारत के लोकतंत्र और जनता के अधिकार से खिलवाड़ नहीं करने देंगे.
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