Ranchi: आज संसद भवन परिसर में झारखंड के छात्रों के आंदोलन पर हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ झारखंड भाजपा के सांसदों के साथ एनडीए सांसदों ने जोरदार प्रदर्शन किया.
इस अवसर पर झारखंड भाजपा के उपाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद डॉ प्रदीप वर्मा ने कहा कि कल विधानसभा घेराव के दौरान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर जिस प्रकार लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया और रात के अंधेरे में छात्र-छात्राओं पर पुलिसिया कार्रवाई की गई, वह लोकतंत्र के लिए बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है. झारखंड के लोकतांत्रिक इतिहास में यह घटना एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है.
डॉ. वर्मा ने कहा कि आज संसद भवन परिसर से हम राहुल गांधी और कांग्रेस से सीधा सवाल पूछ रहे हैं, जब झारखंड के युवाओं पर अत्याचार हो रहा था, तब कांग्रेस का मौन क्यों था? जब छात्रों पर लाठियां बरसाई जा रही थीं, आंसू गैस छोड़ी जा रही थी और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया जा रहा था, तब राहुल गांधी और कांग्रेस के नेता कहां थे?
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार को समर्थन दे रही है. ऐसे में सरकार की पुलिसिया कार्रवाई पर कांग्रेस अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकती. छात्रों को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी से राहुल गांधी और कांग्रेस बच नहीं सकते. कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वह सत्ता के साथ खड़ी है या झारखंड के उन युवाओं के साथ, जिनके भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
डॉ. वर्मा ने कहा कि झारखंड के छात्र केवल अपने भविष्य और अधिकारों की मांग कर रहे हैं. उनकी प्रमुख मांग है कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा को रद्द किया जाए और जेएसएससी-सीजीएल सहित भर्ती परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं व भर्ती घोटाले की सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराई जाए. युवाओं के भविष्य से जुड़े इतने गंभीर विषय पर सरकार को दमन का रास्ता अपनाने के बजाय पारदर्शी जांच और संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज लाठी-डंडों से नहीं दबाई जा सकती. भाजपा और एनडीए के सांसद झारखंड के युवाओं के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं. संसद भवन परिसर में आज का प्रदर्शन इसी बात का प्रमाण है कि छात्रों के अधिकारों और उनके भविष्य की लड़ाई को संसद तक पहुंचाया गया है.
डॉ. वर्मा ने कहा कि झारखंड भाजपा के सांसदों के साथ एनडीए सांसदों ने आज संसद भवन परिसर से छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाया है और यह आवाज अब संसद के भीतर भी गूंजेगी. जब तक झारखंड के छात्रों को न्याय नहीं मिलता और भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों का निष्पक्ष समाधान नहीं होता, तब तक भाजपा और एनडीए युवाओं की आवाज को मजबूती से उठाते रहेंगे.
उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार यह समझ ले कि लाठीचार्ज से झारखंड के युवाओं का आक्रोश और उनकी आवाज नहीं दबाई जा सकती. युवा अपने अधिकार, सम्मान और भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं और भाजपा-एनडीए उनके इस लोकतांत्रिक संघर्ष में पूरी ताकत के साथ उनके साथ खड़ा है.
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